पीठ। दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। जैन धर्म के दशलक्षणों में उत्तम तप धर्म सातवां धर्म है, जो आत्मशुद्धि, संयम और कर्मों की निर्जरा की प्रेरणा देता है।

अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने बताया कि इस अवसर पर श्रीजी का अभिषेक, पूजन, आरती, प्रतिक्रमण एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। समाजजनों ने भक्ति के साथ आराधना कर उत्तम तप धर्म को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

पुण्यार्जक परिवार

कार्यक्रम के पुण्यार्जक जीवनलता-गोवर्धन डेचिया, लता देवी-राजकुमार डेचिया एवं केशवलाल पंचोरी रहे।

कार्यक्रम में सहभागिता

प्रियंका-हितेन्द्र डेचिया, शैली-डॉ. निखिल जैन, कोमल-अखिल जैन सहित अन्य परिवारजन एवं समाजजन उपस्थित रहे।

प्रेषक : राजकुमार डेचिया