भिंड। नगर के श्री दिगंबर जैन चैत्यालय मंदिर में समाधि सम्राट गढ़ाचार्य विराग सागर जी महामुनिराज की परम शिष्या आर्यिका विजिज्ञासा श्री माता जी के सानिध्य में 22 अगस्त को प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में आर्यिका श्री ने पर्युषण महापर्व के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी दी।
प्रत्येक रविवार होगा वास्तु शिविर
आर्यिका विजिज्ञासा श्री माता जी ने बताया कि पर्युषण महापर्व के अवसर पर प्रत्येक रविवार को वास्तु शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से लोगों के जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कई लोगों को व्यापार नहीं चलने, घर में सुख-शांति नहीं रहने अथवा परिवार में बीमारी जैसी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वास्तु शिविर के माध्यम से ऐसी समस्याओं से जुड़े विभिन्न उपायों एवं समाधान की जानकारी दी जाएगी।
सभी समाजों को कार्यक्रम में आमंत्रण
आर्यिका श्री ने कहा कि वास्तु शिविर और पर्युषण महापर्व से जुड़े कार्यक्रम केवल जैन समाज तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जन-जन का है और भिंड नगर के सभी समाजों के लोगों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने सकल जैन समाज सहित अन्य समाजों से भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।
पर्युषण महापर्व में धार्मिक वातावरण
पर्युषण महापर्व के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य धर्म, संस्कार, आत्मचिंतन और जीवन में सकारात्मकता को बढ़ावा देना है। आर्यिका श्री के सानिध्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से समाजजनों को धार्मिक लाभ के साथ जीवनोपयोगी मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।
पत्रकारों का किया सम्मान
प्रेसवार्ता के अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया।
जन-जन तक पहुंचे धर्म और जीवनोपयोगी संदेश
प्रेसवार्ता में आर्यिका विजिज्ञासा श्री माता जी ने पर्युषण महापर्व को आत्मचिंतन और धर्म साधना का अवसर बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रमों से जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आयोजनों में समाज की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को सहभागी बनने का अवसर मिलेगा।



