कुंभोज। आचार्य चंद्रप्रभसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं सान्निध्य में विद्यासन्मतीदास सेवा संस्था कोल्हापुर एवं विद्यासन्मतीदास पावन वर्षायोग 2026 की ओर से पद्मावती श्रीपाल पाटील को सेवारत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्रदान समारोह कुंभोज, तालुका हातकणंगले, जिल्हा कोल्हापुर में संपन्न हुआ। पद्मावती श्रीपाल पाटील कुंभोज निवासी हैं, जिनकी उम्र 94 वर्ष है। उन्होंने आचार्य शांतिसागर जी महाराज, आचार्य विद्यासागर जी महाराज, पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी महाराज, आचार्य वर्धमानसागर जी महाराज, आचार्य विद्यानंद जी महाराज, महाबल महाराज ससंघ एवं गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी ससंघ को आहार दिया है। आचार्य सन्मतिसागर महाराज और आचार्य वर्धमानसागर महाराज ससंघ की बाहुबली से सम्मेदशिखर पदयात्रा कराई और पूरे 5 महीनों तक चौका, आहार एवं विहार की पूरी जिम्मेदारी निभाकर तन, मन, धन से सहयोग दिया। आचार्यश्री वर्धमानसागर महाराज ससंघ के साथ तीन बार श्रवणबेलगोल में पद विहार करके पूरे चातुर्मास में 4-4 महीनों तक 30 त्यागियों का चौका लगाकर आहार दिया। 2 माताजी को श्रवणबेलगोल की यात्रा कराई और आहार एवं विहार की पूरी जिम्मेदारी लेकर सफल यात्रा कराई।
श्रावक धर्म का मूल कर्तव्य दान एवं पूजा है
सम्मेदशिखर, अयोध्या, श्रवणबेलगोल, दिल्ली, नांदणी, पुणे, नांद्रे, कुंभोज, बाहुबली आदि प्रमुख जैन तीर्थों में जाकर त्यागियों को आहार दिया है। पद्मावती पाटील ने अभी तक 4500 से अधिक बार त्यागियों को चौका लगाकर आहार दिया है। पंचम काल में पंचपरमेष्ठी में से 3 परमेष्ठी विद्यमान हैं। श्रावक धर्म का मूल कर्तव्य दान एवं पूजा है। वीतराग भगवंत की पूजा एवं निर्ग्रंथ मुनि महाराज को चार प्रकार के दान देना सर्वश्रेष्ठ वैयावृत्ति रूप में स्वीकार किया गया है। पद्मावती श्रीपाल पाटील, उनके पुत्र सुकुमार श्रीपाल पाटील, बहू त्रिशला सुकुमार पाटील परिवार द्वारा जीवन में अनेक पूजा एवं विधान के माध्यम से सौधर्म इंद्र आदि पदों के माध्यम से जिनधर्म की प्रभावना की जा रही है।
वयोवृद्ध अवस्था में भी वैयावृत्ति का कार्य जारी
अनेक साधु संतों की आहार आदि एवं वैयावृत्ति कुंभोज धर्मनगरी में और विहार काल में अनेक क्षेत्रों पर कई महीनों तक चौका लगाकर वैयावृत्ति का महत्वपूर्ण कार्य इस वयोवृद्ध अवस्था में भी कर रही हैं। इसलिए उन्हें आचार्य चंद्रप्रभसागर जी महाराज के आशीर्वाद से विद्यासन्मतीदास सेवा संस्था कोल्हापुर और वर्षायोग 2026 कुंभोज द्वारा 1 नवंबर को अतुल शाह और संगीता अतुल शाह के करकमलों से सम्मानित किया गया।
पुत्र श्रीपाल और बहु त्रिशला ने भी यह पुण्यार्जन किया था
पद्मावती पाटील के सुपुत्र सुकुमार श्रीपाल पाटील और उनकी पत्नी त्रिशला सुकुमार पाटील ने कुंभोज पंचकल्याणक महोत्सव सन 2005 और सन 2022 में समवशरण महामंडल आराधना महोत्सव में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी, पुणे में पंचकल्याणक महोत्सव में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी, डिग्रज पंचकल्याणक में कुबेर इंद्र, सिद्धचक्र विधान कुपवाड में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी बनकर पुण्यार्जन किया है।




