इंदौर। दलाल बाग मैदान में अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर की सभा में मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में ऐसा कोई काम मत करना जिससे देश बदनाम हो। डाकू से देश बदनाम नहीं होता। आतंकवाद से देश बदनाम होता है। भारत भूमि पवित्रता से भरी है। जिसे तीर्थंकर भगवंतों ने अपनी तपस्या से पवित्र पावन किया। ये आर्य खंड महान पुरुषों की जन्म स्थली है। उन्होंने कहा कि जैसे आपके यहां कोई भी वीआईपी लोगों के लिए सफेद चादर बिछा दी जाती है तो सब उसकी ओर ललचाते हैं और धीरे धीरे रस्सी के नीचे से घुसपैठ कर जाते हैं। जब आयोजन देख लेते हैं तो आप को हटाने को पहुंच जाते हैं। ऐसे ही ये जम्बूद्वीप का आर्यखंड भी वीआईंपी भूमि है। यदि आप इस क्षेत्र में जन्मे हैं तो आप अपनी ग़लती से इस पावन भूमि को अपवित्र ना कर दे। इस आर्यावर्त में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जैसे महापुरुष ने अपनी तपस्या से पवित्र किया है। ऐसे देश में आपका जन्म हुआ है। इसकी पवित्रता को आपको ही बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि आज पवित्र स्थान अपवित्र हो रहे हैं। चाहे किसी भी समाज के तीर्थ हों तीर्थ तो तीर्थ होते हैं। आप एक संकल्प लें कि किसी संप्रदाय किसी भी समाज के तीर्थ हों उनकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए प्रयास करेंगे। आज सबसे बड़ा सोच यह है कि धर्म मिटा है तो तीर्थ क्षेत्र पर सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है।
हमेशा सामूहिक प्रयास में शामिल होना चाहिए
इस दौरान मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने दोपहर के विशेष सत्र में कहा कि गुरुदेव के वचन हमें सूत्रों की तरह जिंदगी में उतारना होगा। राष्ट्र सर्वाेपरि है। राष्ट्र सुरक्षित रहेगा, देश सुरक्षित रहेगा तो धर्म सुरक्षित होगा। संस्कृति सुरक्षित होती चली जाएगी। हमें मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज की तपस्या से मिल रहे सूत्रों को यहां से लेकर जाना है और अपने नगरांे में पहल कर अभियान चलाते हुए लोगों को प्रेरित करना है। प्रेम की भावना को मजबूत करने के लिए सभी को हमेशा सामूहिक प्रयास में शामिल होना चाहिए। ये प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है
संसार में जीना है तो लोगों से मैत्री प्रमोद कारुण भाव रखें
उन्होंने कहा कि सबसे पहले पाप को छोड़ना चाहिए यदि आप पाप को नहीं छोड़ पा रहे तो किसी को भी प्रेरित मत करना। तुम्हारे कारण से धर्म करने से कोई रुक तो नहीं गया। धर्म करने से किसी को नहीं रोकेंगे। आप कोई भी पाप करने के पहले सोच लेना कि कहीं आपके पाप का कलंक बेटे को ना भोगना पड़े। ऐसा कोई काम मत करना। जिससे बदनामी संतान को भोगना ना पड़े। संसार में जीना है तो दूसरो के प्रति मैत्री भाव प्रमोद भाव कारुण माध्यम भाव रखो।
हमारे महापुरुषों की जन्मस्थली पर मंदिरा पर प्रतिबंध होना चाहिए
उन्होंने कहा कि जहां-जहां हमारे महापुरुषों ने जन्म लिया। ऐसे तीर्थ भूमियों पर नशे पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। मर्यादा पुरुषोत्तम की जन्म भूमि है। जहां उन्होंने पैदल विहार किया है। ऐसे भूमि पर मदिरा परपूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। आप महापुरुषों की भूमि को, भारतीय संस्कृति को कलंकित नहीं होने देंगे। हमारे शौक हमारे मौज ने हमारी संस्कृति को आघात पहुंचाया है।
धर्म सभा में ये रहे विशेष रूप से उपस्थित
इस दौरान धर्मसभा में प्रमुख रूप से प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, ब्रह्मचारी विनोद भैया, चक्रवर्ती अध्यक्ष नवीन गोधा, सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, चक्रवर्ती मनीष गोधा, महोत्सव अध्यक्ष अशोक डोशी, महामंत्री हर्ष जैन, मंत्री अक्षय कासलीवाल धर्मेंद्र सिमकेम, रमेशचंद्र निर्वाणा, शिविर पुण्यार्जक आकाश कोयला, सह कोषाध्यक्ष सौरव बड़जात्या, प्रिंसपाल टोंग्या, संजय पाटोदी, हुकुमचंद काका कोटा, विजय धुर्रा, संजय सामरिया, गिरीश गिन्नी, प्रचार प्रमुख संजय पाटौदी सोनाली बागड़िया, अर्चना गोधा, राहुल सेठी, भूपेंद्र भोपाली, विपुल बांझल, राजेश दद्दू सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन उपस्थित रहे।




