नैनागिरि जैन तीर्थ के समवशरण जिनालय में हुई चोरी की घटना के बाद छतरपुर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ट्रस्ट कमेटी ने उन्हें मांगपत्र सौंपकर एसआईटी गठन, निष्पक्ष जांच एवं स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। पढ़िए श्रीफल साथी रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट।
बकस्वाहा/नैनागिरि। प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि के समवशरण जिनालय में हुई चोरी की गंभीर घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। छतरपुर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बुधवार को तीर्थक्षेत्र पहुंचकर घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा मंदिर प्रबंधन एवं पुलिस अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी लेकर जांच की प्रगति की समीक्षा की।शीघ्र खुलासे का दिया भरोसा

पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और इसकी जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों एवं उपलब्ध सुरागों के आधार पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जलाशय में स्थित दोनों जिनालयों, पर्वत पर स्थित मंदिर समूह, तलहटी के मंदिर परिसर तथा आवासीय धर्मशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए।

ट्रस्ट कमेटी ने सौंपा मांगपत्र

श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश जैन रागी ने ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति की ओर से पुलिस अधीक्षक को विस्तृत मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में वर्षों से हुई चोरी की घटनाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन, सभी मामलों की निष्पक्ष जांच, तीर्थक्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था तथा नैनागिरि पुलिस चौकी को पूर्ण पुलिस थाना में उन्नत कर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई।

समाज ने जताई चिंता

राजेश जैन रागी ने बताया कि पिछले लगभग 15 वर्षों में तीर्थक्षेत्र में कई गंभीर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं और जैन समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने तीर्थक्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

6-7 जुलाई की रात हुई थी चोरी

गौरतलब है कि 6-7 जुलाई 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोर समवशरण जिनालय में रखे दानपात्र के ताले तोड़कर नकदी चोरी कर ले गए थे। चोरों ने मंदिर में विराजमान जिन प्रतिमाओं की चोरी का भी प्रयास किया, जो असफल रहा। घटना के बाद देशभर के जैन समाज में आक्रोश है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है।