मुरैना। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में मुनिश्री 108 उपशांतसागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शुभ भाव, जीवदया, निष्कपट धर्माचरण और निरंतर पुरुषार्थ मनुष्य को आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में निराशा और अनावश्यक चिंता से बचने के लिए स्वयं को शुभ कार्यों तथा धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए।
पश्चाताप और शुभ परिणामों का महत्व
मुनिश्री ने राजा श्रेणिक के प्रसंग के माध्यम से भावों और परिणामों की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी भूलों का बोध होने पर सच्चे हृदय से पश्चाताप कर भविष्य में शुभ भावों को अपनाना चाहिए। मन की निर्मलता ही विचारों, व्यवहार और कर्मों को सही दिशा देती है।
दिखावे से नहीं, शुद्धभाव से सार्थक है धर्म
मुनिश्री ने धार्मिक क्रियाओं में मायाचारी और प्रदर्शन से बचने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पूजा, व्रत, विधान और अन्य धार्मिक कार्य तभी सार्थक हैं, जब वे सरलता, निष्कपटता और शुद्धभाव के साथ किए जाएं। धर्म का वास्तविक उद्देश्य आत्मा की निर्मलता है।
जीवों के प्रति करुणा रखें
जीवदया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुनिश्री ने कहा कि पशु-पक्षियों सहित सभी जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा का व्यवहार होना चाहिए। किसी भी जीव को पीड़ा पहुंचाना, क्रूरता करना अथवा असहाय जीवों को प्रताड़ित करना धर्म के विपरीत है।
उन्होंने चिंता और चिता का अंतर बताते हुए कहा कि चिता मृत व्यक्ति को जलाती है, जबकि चिंता जीवित व्यक्ति को भीतर ही भीतर क्षीण करती है। इसलिए व्यक्ति को आत्मविश्वास, विवेक और पुरुषार्थ के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने किया केशलोंच
इसी क्रम में आचार्यश्री 108 उदारसागर महाराज ने केशलोंच की आध्यात्मिक साधना संपन्न की। दिगंबर श्रमण परंपरा में केशलोंच तप, त्याग, सहनशीलता और देह के प्रति ममत्व के त्याग का प्रतीक है। इस साधना के माध्यम से मुनिराज सांसारिक सुख-सुविधाओं के मोह से ऊपर उठकर आत्मसंयम और वैराग्य को दृढ़ करते हैं।
धर्मसभा में हुआ मंगलाचरण
धर्मसभा का संचालन विद्वान पं. नवनीत जैन शास्त्री ने किया। मंगलाचरण रविंद्र कुमार जैन ने प्रस्तुत किया। चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन अनिल कुमार जैन, प्रेमचंद जैन, रविंद्र जैन, राजेंद्र जैन ‘रज्जू’ तथा नागेश जैन द्वारा किया गया।
श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना





