मथुरा (उ.प्र.)। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के 125वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष महोत्सव का शुभारंभ समारोह 21 एवं 22 अक्टूबर को इंटर कॉलेज ग्राउंड, श्री ऋषभ ब्रह्मचर्य आश्रम परिसर, चौरासी मथुरा में आयोजित किया जाएगा।

समारोह के लिए प्रकाशित आमंत्रण के अनुसार आयोजन 21–22 अक्टूबर को मथुरा में प्रस्तावित है। स्थापना वर्ष की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027 तक निर्धारित की गई है।

तैयारियों का लिया गया जायजा

महोत्सव की तैयारियों को लेकर 14 और 15 अक्टूबर को 125वें स्थापना वर्ष समिति के चेयरमैन जवाहरलाल जैन, तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के अध्यक्ष डी.के. जैन, महामंत्री राजकुमार जैन घाटे, मीनू जैन, जैनेश झांझरी, राजीव जैन, संजीव जैन एवं पंडित जिनेंद्र शास्त्री सहित पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।

बैठक में व्यवस्थाओं, कार्यक्रमों और आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर संबंधित कार्यों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।

मध्यांचल से 250 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के प्रचार प्रमुख एवं प्रवक्ता राजेश जैन रागी ने बताया कि मध्यांचल अध्यक्ष डी.के. जैन, कार्याध्यक्ष संतोष कुमार जैन घड़ी एवं महामंत्री राजकुमार जैन घाटे के नेतृत्व में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से 250 से अधिक पदाधिकारी, तीर्थक्षेत्र प्रतिनिधि और समाजजन समारोह में सहभागिता करेंगे।

संतों के सान्निध्य में होंगे विविध कार्यक्रम

आयोजकों के अनुसार परम पूज्य मुनि श्री सौभाग्यसागरजी महाराज एवं मुनि श्री सुरत्नसागरजी महाराज ससंघ के निर्देशन एवं सान्निध्य में राष्ट्रीय स्तर के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन, महामंत्री संतोष जैन पेंढारी, स्थापना वर्ष समिति के चेयरमैन जवाहरलाल जैन, प्रदीप जैन पीएनसी, मुख्य संयोजक हसमुख जैन गांधी एवं मनोज जैन बाकलीवाल ने समाजबंधुओं से समारोह में सहभागी बनने का आग्रह किया।

तीर्थ संरक्षण और इतिहास होंगे प्रमुख विषय

महोत्सव में तीर्थक्षेत्र कमेटी के 125 वर्षों की गौरवगाथा, ‘तीर्थ वंदना’ पत्रिका के विशेषांक का विमोचन और 125 वर्षों के इतिहास का कालपत्र स्थापित करना प्रमुख आकर्षण होंगे।

आयोजकों के अनुसार मथुरा के जैन म्यूजियम के जीर्णोद्धार, कंकाली टीला के पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण तथा उत्तर प्रदेश की तीर्थंकर कल्याणक भूमियों से संबंधित प्रस्तावों पर सरकार के समक्ष चर्चा की योजना है। मथुरा में सरकारी जैन संग्रहालय और कंकाली टीला का जैन विरासत से संबंध प्रशासनिक एवं पुरातात्विक संदर्भों में भी दर्ज है।

श्रीफल साथी : रत्नेश जैन रागी, बकस्वाहा