जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर त्रयपदधारी देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप व मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम से असम के प्रमुख नगर गुवाहाटी के फैं बजार में स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर आगामी 18 मई मनाया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट...
गुवाहाटी। जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर त्रयपदधारी देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप व मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम से असम के प्रमुख नगर गुवाहाटी के फैं बजार में स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर आगामी 18 मई मनाया जाएगा। इस अवसर पर ऋषभनाथ वेदी में विराजित श्री शांतिनाथ भगवान के अभिषेक-शांतिधारा प्रातः 5:45 बजे होगी। इसके उपरांत शांतिनाथ मंडल विधान, पुण्यशाली परिवार द्वारा श्रीजी के चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित किया जाएघा।श्री‌जी की‌ आरती के बाद भी अन्य मांगलिक कार्यक्रम होंगे।

श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी (असम) के अध्यक्ष महावीर‌ जैन हाथीगोला और मंत्री बीरेंद्र कुमार सरावगी ने बताया कि जैन‌धर्म में‌ भगवान के जन्म, तप व मोक्ष कल्याणक का विशेष महत्त्व है। भगवान के यह कल्याणक मुक्ति पथ की प्रेरणा देते हैं। यह आयोजन मानव से महामानव व आत्मा से परमात्मा बनने का प्रतीकात्मक आयोजन है, जिसके‌ जरिए धर्म व पुण्य का संचय होता है। भगवान शांतिनाथ ने चक्रवर्ती सम्राट होने के‌ बाद‌ भी सब कुछ त्याग कर आत्म कल्याण‌ के मार्ग को‌ अपनाया था, जिसके जरिए उन्होनें मोक्ष को प्राप्त कर जगत को मोह-माया, राग-द्वेष से दूर रह कर स्व का कल्याण करने का संदेश दिया था।