मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के तीन एल्युमिनाई समेत चार ने विभिन्न शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी- प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा में कॉलेज के स्टूडेंट्स ने उल्लेखनीय सफलता पाई है। दूसरी ओर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की टीजीटी परीक्षा में भी कॉलेज के एल्युमिनाई ने कॉलेज की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा है। उत्तर प्रदेश टीजीटी परीक्षा में कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के फिजिकल एजुकेशन विषय में स्टूडेंट शैलेंद्रसिंह चौहान ने प्रदेश स्तर पर सातवीं रैंक पाई है।

मेहनत, लगन और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रमाण

शैलेंद्र ने इसी कॉलेज से बीपीएड और एमपीएड किया है और वर्तमान में उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रमाण है। साथ ही कॉलेज की एल्युमिना आंचल कश्यप पर भी गर्व है। आंचल ने भी टीएमयू फिजिकल एजुकेशन कॉलेज से बीपीएड और एमपीएड किया है। बीपीएड एल्युमिनाई सुधांशु तोमर ने भी उत्तर प्रदेश टीजीटी परीक्षा में कामयाबी पाई है। इन स्टूडेंट्स की उपलब्धि यह दर्शाती है, शारीरिक शिक्षा के स्टूडेंट्स खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ शिक्षण एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी ख़ासी पकड़ रखते हैं। टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के पूर्व छात्र डॉ. अनुभव गुप्ता ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी परीक्षा में चयनित हुए हैं। उल्लेखनीय है, छात्र शैलेन्द्र सिहं चौहान के संग-संग अनुभव गुप्ता के गाइड फिजिकल एजुकेशन के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा रहे हैं।

निरंतर परिश्रम का परिचायक है

डॉ. अनुभव ने टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन से बीपीएड, एमपीएड के अलावा पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की है। उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में शैक्षणिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल करना उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता एवम् निरंतर परिश्रम का परिचायक है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं

टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा ने सभी सफल स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए स्टूडेंट्स की सफलता किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। हमारे स्टूडेंट्स ने सिद्ध कर दिया, यदि सही मार्गदर्शन, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो शारीरिक शिक्षा के स्टूडेंट्स भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा फिजिकल एजुकेशन कॉलेज स्टूडेंट्स को शिक्षा, खेल, शोध एवम् रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्थान का उद्देश्य स्टूडेंट्स का केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक कुशल शिक्षक, शोधकर्ता, प्रशिक्षक और जिम्मेदार पेशेवर के रूप में समग्र विकास करना है।

सरकारी सेवाओं में उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं

प्राचार्य प्रो. मिश्रा कहते हैं, फिजिकल एजुकेशन कॉलेज के स्टूडेंट्स की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है, शारीरिक शिक्षा केवल खेल के मैदान तक का विषय नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स शिक्षण, उच्च शिक्षा, शोध, खेल प्रशासन, खेल प्रबंधन और विभिन्न सरकारी सेवाओं में उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं। कॉलेज में स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ खेल, शिक्षण कौशल, अनुसंधान, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं। यही समग्र शैक्षणिक दृष्टिकोण स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए तैयार करता है।