आत्म ज्योति के बच्चों से सीखें जीवन जीने की कला : दृष्टिहीन आवासीय विद्यालय में बच्चों को फल बिस्किट बांटे

आत्म ज्योति संस्था के दृष्टिहीन बच्चों से हमें जीवन में सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की कला सीखने की आवश्यकता है। जहां हम एक ओर छोटी-छोटी विषम परिस्थितियों में भी अपने धैर्य को खोकर तनावपूर्ण जीवन जीने लगते हैं। भिंड से सोनल जैन की खबर...
भिंड। आत्म ज्योति संस्था के दृष्टिहीन बच्चों से हमें जीवन में सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की कला सीखने की आवश्यकता है। जहां हम एक ओर छोटी-छोटी विषम परिस्थितियों में भी अपने धैर्य को खोकर तनावपूर्ण जीवन जीने लगते हैं। वहीं आत्मज्योति के बच्चों ने कुदरत के अभिशाप को धता बताकर सकारात्मक सोच के साथ वरदान में बदला है। यह विचार भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय प्रचार अध्यक्ष राजेश जैन बंटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शीला जैन टोंग्या ने आत्मज्योति आवासीय दृष्टिहीन विद्यालय ग्वालियर में जैन मिलन बालिका चंदना की अध्यक्ष आस्था जैन के जन्मदिवस के अवसर पर जैन मिलन महिला चंदना भिंड द्वारा ग्वालियर स्थित दृष्टिहीन आवासीय विद्यालय में बच्चों के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहें। कार्यक्रम उपरांत बच्चों को फल बिस्किट ट्रॉफी मिठाइयां एवं जरूरत की अन्य सामग्री उपहार स्वरूप वितरण की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री वीरांगना अनीता विनय जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर महेंद्र जैन, बालिका संयोजिका वीरां रुवी जैन, शाखा संस्थापिका वीरां नीतू जैन, पहाड़िया शाखा अध्यक्ष सुनीता जैन, मंत्री अलका जैन उपस्थिति रही।
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