ललितपुर। “धर्म कार्यों में अपनी शक्ति को न तो छिपाना चाहिए और न ही उसे पाप कार्यों में लगाना चाहिए। जीवन में सरलता और निष्कपटता आएगी, तभी आर्जव धर्म व्यवहार में दिखाई देगा।” पार्श्वनाथ जैन अटा मंदिर में पर्यूषण पर्व के अवसर पर उत्तम आर्जव धर्म की व्याख्या करते हुए आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री विशद सागर जी महाराज ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि जब जीवन में अपेक्षाएं रहती हैं और वे पूरी नहीं होतीं तो व्यक्ति मायाचारी की ओर बढ़ सकता है। योग्यता के स्थान पर जोड़-तोड़ और छल का सहारा लेना आर्जव के विपरीत है।
‘भगवान की भक्ति में अपनी शक्ति कभी न छिपाएं’
मुनि विशद सागर जी ने “कपट मिटाए दुर्गति त्याग, सुगति उपजावे” की सूक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान की भक्ति और धर्म कार्य में व्यक्ति को अपनी शक्ति कभी नहीं छिपानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति पाप से डरे और पुण्य कार्यों में आगे रहे तो उसके जीवन में सरलता का विकास होगा। हम जैसे हैं, वैसे ही दिखाई दें—यही मायाचारी से बचने की दिशा है।
दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण से धर्मसभा का शुभारंभ
धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र के समक्ष श्रेष्ठीजनों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं उमा जैन सैदपुर के मंगलाचरण से हुआ।
तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन सुरभि जैन, आर्ची जैन, आशी जैन एवं शचि जैन ने किया। अर्थ समर्पण का पुण्यार्जन कमला बाई, राजेंद्र कुमार, प्रकाश चंद एवं अनमोल ट्रेडर्स परिवार ने प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन प्रबंधक मनोज जैन बबीना ने किया।
मुनि शिव सागर ने समझाया आर्जव का व्यावहारिक स्वरूप
प्रातःकाल बाहुबली भगवान की वेदिका पर प्रभु अभिषेक के बाद मुनि श्री शिव सागर जी महाराज के सान्निध्य में शांतिधारा हुई। इस दौरान उन्होंने श्रावकों को उत्तम आर्जव धर्म की महत्ता बताते हुए इसे व्यावहारिक जीवन में धारण करने की प्रेरणा दी।
मध्याह्न में मुनि श्री विशद सागर जी महाराज ने तत्त्वार्थ सूत्र का स्वाध्याय कराते हुए इसके सूत्रों को अपने चिंतन के माध्यम से समझाया।
नगर के जिनालयों में उमड़ रहे श्रद्धालु
पर्यूषण पर्व के दौरान नगर के जैन अतिशय क्षेत्र अभिनंदनोदय तीर्थ, आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर, बाहुबली नगर नई बस्ती, आदिनाथ मंदिर, चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट, शांतिनगर, पार्श्वनाथ समवशरण मंदिर, पार्श्वनाथ कॉलोनी, ज्ञानोदय तीर्थ एवं एम्ब्रोसिया जैन मंदिर सहित विभिन्न जिनालयों में श्रद्धालु प्रातःकाल पहुंचकर पूजन, अभिषेक एवं शांतिधारा में सहभागी हो रहे हैं।
सायंकाल आरती के बाद धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक संदेश देने वाले प्रेरणादायी नाटकों का मंचन किया जा रहा है।
जैन पंचायत संभाल रही आयोजन की व्यवस्थाएं
आयोजन की व्यवस्थाओं में जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टड़ैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना, पंकज जैन मोदी, अशोक जैन दैलवारा, पवन जैन, डॉ. डी.के. जैन, राजकुमार, सुनील सराफ, सुवेंदु जैन, जितेंद्र जैन, विकास सौरई, अभय जैन, राजेंद्र सराफ, वीरचंद सराफ, प्रमोद जैन पाय, संजय ककड़ारी एवं अमित जैन गारमेंट सहित समाजजन सहयोग कर रहे हैं।




