ललितपुर। नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विशद सागर महाराज ने कहा कि जीवन में प्रभु की भक्ति ही पुण्य का कारण है। पूजन, अर्चन और शांतिधारा को भक्ति का माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को अधिक से अधिक प्रभु के चरणों से जोड़ना चाहिए।

भक्ति से जीवन बनता है पुण्यशाली

मुनिश्री ने श्रावकों को जीवन में पाप कर्मों से बचने की प्रेरणा देते हुए कहा कि पाप विनाश का कारण बनता है। मानव जीवन को पुण्यशाली बनाने के लिए धर्म, भक्ति और सदाचार को जीवन का आधार बनाना चाहिए। प्रभु की आराधना मनुष्य को आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाती है।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ धर्मसभा का शुभारंभ

धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख श्रेष्ठीजनों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया एवं पदाधिकारियों ने आचार्य श्रेष्ठ श्री विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री विशद सागर महाराज एवं मुनि श्री शिवसागर महाराज के ललितपुर में वर्ष 2026 के चातुर्मास की पत्रिका का विमोचन किया।

16 अगस्त को होगी मंगल कलश स्थापना

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मंदिर प्रबंधक मनोज जैन बबीना ने बताया कि रविवार 16 अगस्त को अपराह्न 1 बजे जैन अटा मंदिर में मुनि संघ के चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश, अशोकनगर के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।

समाजजनों की रही सहभागित

इस अवसर पर जैन पंचायत संयोजक सनत जैन खजुरिया, कोषाध्यक्ष सीए सौरभ जैन, अजय जैन गंगचारी, अखिलेश गदयाना, महेंद्र मयूर, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, अमित सराफ, अशोक उमारिया, मनोज जैन पत्रकार, धन्यकुमार जैन, दिलीप चौधरी, अनंत सराफ, नरेश मुक्ता, राहुल कूम्हैण्डी, अनीता मोदी सहित अन्य समाजजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

धर्म और भक्ति का संदेश

मुनि श्री विशद सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, पुण्य, संयम और सदाचार को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के मंगल प्रवचनों का लाभ लिया तथा चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धर्मआराधना करने का संकल्प लिया।

आगामी कार्यक्रम

ललितपुर में मुनि श्री विशद सागर महाराज एवं मुनि श्री शिवसागर महाराज के चातुर्मास को लेकर समाज में उत्साह है। 16 अगस्त को होने वाले मंगल कलश स्थापना समारोह के लिए जैन पंचायत एवं समाज द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।