कृष्टि पटवा बनी चारित्र चक्रवर्ती पदक विजेता: प्रतियोगिता में बच्चे, बुजुर्ग, युवा सभी आयु वर्ग के 50 प्रतियोगियों ने भाग लिया

श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर में बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के जीवन चरित्र पर आयोजित ‘कौन बनेगा चारित्र चक्रवर्ती पदक विजेता’ प्रतियोगिता में 15 प्रश्नों के लगातार सही उत्तर देकर कृष्टि पटवा पुत्री विकास पटवा ने पदक हासिल किया है। धरियावद से पढ़िए, श्रीफल साथी आशोक जेतावत की यह खबर...
धरियावद। श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर में बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के जीवन चरित्र पर आयोजित ‘कौन बनेगा चारित्र चक्रवर्ती पदक विजेता’ प्रतियोगिता में 15 प्रश्नों के लगातार सही उत्तर देकर कृष्टि पटवा पुत्री विकास पटवा ने पदक हासिल किया है। आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री कल्प पुण्य सागर जी महाराज के शिष्य क्षुल्लक श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं संयोजन में संपूर्ण कंप्यूटराइज्ड प्रतियोगिता का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिला, पुरुष सभी आयु वर्ग के 50 प्रतियोगियों ने भाग लिया। 3 से 5 जनवरी तक आयोजित इस प्रतियोगिता में कंप्यूटर संचालन सक्षम जैन और प्रियांशु जोदावत ने किया। साथ ही रजनीश सुंदरोत, रोमिल किकावत, दर्शिल सुंदरोत एवं अन्य ने भी सहयोग किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ बटन दबाकर सुदर्शन दोशी ने किया, जबकि दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर महावीर-अल्पेश किकावत ने स्थल उद्घाटन किया। चेतन गनोड़िया, संजय किकावत एनबीके, ऋषभ अणदावत, पुष्कर राज बोहरा और दो गुप्त सज्जनों ने पुरस्कार वितरण का लाभ लिया। मंगलाचरण सागरमल बोहरा ने किया। श्रीफल साथी अशोक कुमार जेतावत ने बताया कि गुरु मां परम विदुषी आर्यिका प्रशांत मति माताजी के दिव्य एवं मंगल आशीष से क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज इस प्रतियोगिता का सन् 2007 से लगातार आयोजन करते आ रहे हैं। वर्षायोग के दौरान भी चंद्रप्रभ मंदिर परिसर में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
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