झुमरीतिलैया (कोडरमा)। झुमरीतिलैया जैन समाज के इतिहास में पहली बार सोलहकारण एवं दशलक्षण व्रतधारियों के महापारणा का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। मुनि श्री 108 सुयशसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 कौशल्यसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद में दोनों मंदिरों में प्रातः अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन के बाद व्रतधारियों का महापारणा संपन्न हुआ।

तपस्वियों का सम्मान और अनुमोदना

जैन समाज एवं विरागोदय वर्षायोग समिति 2026 द्वारा सभी व्रतधारियों को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र एवं रजत माला देकर सम्मानित किया गया। तपस्वियों के प्रति समाजजनों ने श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए उनकी साधना की अनुमोदना की।

समाज के अनुसार इस वर्ष प्रियंका छाबड़ा एवं प्रेम झांझरी ने 16 दिवसीय उपवास साधना की। वहीं 43 महिला, पुरुष एवं बच्चों ने दशलक्षण पर्व के दौरान 10 दिवसीय उपवास साधना का संकल्प पूर्ण किया।

श्रद्धा और संकल्पशक्ति की मिसाल

मुनिश्री ने तपस्वियों की श्रद्धा एवं संकल्पशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि धर्म के प्रति आस्था और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन साधना भी संभव होती है। अनेक व्रतधारियों ने साधना काल में मौन व्रत एवं मोबाइल से दूरी का नियम भी अपनाया।

उन्होंने कहा कि तप आत्मशुद्धि का माध्यम है और ऐसी साधना समाज को धर्ममार्ग पर प्रेरित करती है।

गाजे-बाजे के साथ पहुंचाए गए तपस्वी

महापारणा के पश्चात व्रतधारियों को गाजे-बाजे के साथ नए मंदिर परिसर पहुंचाया गया। वहां परिवारजनों एवं रिश्तेदारों ने माला एवं तिलक लगाकर तपस्वियों का आत्मीय स्वागत किया।

सम्मानित व्रतधारियों में मनोज जैन, विनीत जैन गंगवाल, निर्मला जैन सेठी, संजय जैन गंगवाल, ललित जैन अजमेरा, सुरेंद्र जैन छाबड़ा, तनीषा जैन छाबड़ा, खुशबू जैन पांड्या, पिंकी जैन सेठी, संगीता जैन छाबड़ा, सरला जैन सेठी, रचित जैन एवं सृष्टि जैन हजारीबाग, राजीव जैन छाबड़ा, शोभा जैन पाटनी, सुनीता जैन सेठी, अंजू जैन रावका, शशि जैन छाबड़ा, ममता जैन सेठी, रौनक जैन कासलीवाल, आशीष जैन सेठी, प्रीति जैन सेठी, सुशील जैन काला, प्रवीण जैन पाटनी, प्रियंका जैन लुहाड़िया, ऋषभ जैन काला, नीलम जैन सेठी, वैभव जैन सेठी, देवेश जैन रांची, ललित जैन सेठी, नेहा जैन पाटोदी, अतिवीर जैन ठोल्या, किरण जैन सेठी, जोंटी जैन काला, राकेश जैन छाबड़ा, अलका जैन सेठी, दिव्या जैन छाबड़ा, जुली जैन लुहाड़िया, पीयूष जैन छाबड़ा, खुशबू जैन पाटनी, प्रिया जैन छाबड़ा एवं अक्षत जैन छाबड़ा शामिल रहे।

एक नजर में

- मुनि सुयशसागर एवं मुनि कौशल्यसागर के आशीर्वाद में महापारणा हुआ।

- दो महिलाओं ने 16 दिवसीय उपवास साधना की।

- 43 महिला, पुरुष एवं बच्चों ने 10 दिवसीय उपवास साधना की।

- व्रतधारियों को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र एवं रजत माला देकर सम्मानित किया गया।

- परिवारजनों ने नए मंदिर परिसर में तिलक-माला से तपस्वियों का स्वागत किया।

श्रीफल साथी : राजकुमार जैन अजमेरा