जयपुर। गायत्री नगर, महारानी फार्म स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन आयोजित 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का नौवां वर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ पूर्ण हुआ। समापन अवसर पर 3 अक्टूबर को प्रातः भक्तामर विधान का भव्य आयोजन किया गया।
विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री के निर्देशन में भक्तामर विधान, अर्घ्य, विधान पूजा और दीपार्चना संपन्न हुई। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, संतोष गंगवाल, राकेश पाटोदी सहित सदस्यों ने पंडित अजीत शास्त्री का सम्मान किया।
भक्तामर स्तोत्र की रचना पर प्रकाश
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि पंडित अजीत शास्त्री ने भक्तामर स्तोत्र की रचना और आचार्य मानतुंग स्वामी की जिनेंद्र भक्ति का प्रसंग सुनाया। इसके पश्चात ऋद्धि मंत्रों के उच्चारण के साथ अर्घ्य एवं दीपार्चना कराई गई।
पुण्यार्जक परिवारों ने किया मंगल दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम संयोजक अनीता बड़जात्या ने बताया कि भक्तामर विधान मंडल पर पुण्यार्जक परिवार लता सोगानी, विमला पापड़ीवाल, राजेश-चैताली वोहरा, सरोज बड़जात्या तथा अनिल-प्रतिभा जैन ने महामंडल पर कलश स्थापित कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
संयोजिका विमला जैन, डॉ. अनीता वैद एवं ज्योति जैन ने बताया कि अनुष्ठान में मंदिर प्रबंध समिति, सकल जैन समाज और पुण्यार्जक परिवारों का पूर्ण सहयोग मिला। प्रतिदिन के पाठ में 5 दिन, 10-11 दिन, 17 दिन, 30 दिन और पूरे 48 दिन के पुण्यार्जक परिवार बने।
श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
आयोजन में उदयभान जैन, आलोक चौकड़ायत, सुबोध लुहाड़िया, राकेश पाटोदी, पारस जैन, पुष्पेंद्र जैन, आलोक-प्रमिला शाह, राखी पाटनी, रश्मि तोतूका सहित समाज के गणमान्यजन, महिला मंडल, बालक-बालिकाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
48 दिवसीय भक्तामर पाठ का दैनिक संचालन उदयभान जैन बड़जात्या ने किया। संयोजकों ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग करने वालों तथा मंदिर प्रबंध समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रीफल साथी : उदयभान जैन, जयपुर




