जयपुर। राजस्थान जैन साहित्य परिषद, जयपुर के तत्वावधान में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को प्रातः 8:45 बजे श्री दिगंबर जैन मंदिर, मोहनबाड़ी में मासिक विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी।

परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया कि गोष्ठी का विषय “अनेकान्तवाद और उसके अनुयायी : सिद्धांत, व्यवहार और विरोधाभास” रखा गया है। युवा विद्वान पंडित प्रद्युम्न कुमार जैन शास्त्री मुख्य वक्ता के रूप में विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

अनेक दृष्टिकोणों को समझने की प्रेरणा

परिषद के संयोजक सुदर्शन पाटनी ने बताया कि अनेकान्तवाद जैन दर्शन का महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो विषय के विभिन्न पक्षों को समझने, वैचारिक सहिष्णुता विकसित करने और सत्य की बहुआयामी दृष्टि अपनाने की प्रेरणा देता है। जैन दार्शनिक परंपरा में अनेकान्तवाद वस्तु के अनेक धर्मों या गुणों को स्वीकार करने का सिद्धांत है।

प्रतिभागियों को भी मिलेगा विचार रखने का अवसर

परिषद के मंत्री महावीर कुमार चान्दवाड़ ने बताया कि गोष्ठी में ‘अभिनव प्रयोग’ के अंतर्गत उपस्थित प्रतिभागियों को भी विषय पर अपने विचार रखने का अवसर दिया जाएगा। इससे विषय पर संवाद और विमर्श अधिक व्यापक बन सकेगा।

मोहनबाड़ी प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बिलाला एवं मंत्री नरेंद्र जैन ने धर्मानुरागियों, विद्वज्जनों, साहित्यप्रेमियों और समाजबंधुओं से समय पर उपस्थित होकर इस ज्ञानवर्धक आयोजन का लाभ लेने का आग्रह किया है।