तपोभूमि प्रणेता ,व्याख्यान वाचस्पति, गुरुभक्त शिरोमणि, उज्जयिनी गौरव आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी मुनिराज की अलौकिक प्रेरणा एवं पावन सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित होगा जो देश का पहला अनूठा आयोजन होगा। यह आयेाजन 17 नवम्बर को प्रातः 8 बजे से होगा। तपोभूमि के 17 साल पूर्ण होने पर स्थापना दिवस, भगवान महावीर स्वामी की मस्तकाभिषेक के साथ देश भर से आई अनेकों साधु वृन्दों की पिच्छियों की महाराधना की जाएगी।
श्री महावीर तपोभूमि परिवार एवं चातुर्मास समिति उज्जैन ने आग्रह किया है कि आपके घर में जिस भी आचार्य ,मुनि, आर्यिका एवं क्षुल्लक-क्षुल्लिका आदि की पुरानी पिच्छी हो उसे महोत्सव में सजाकर एवं सुंदर से पलासने(वस्त्र) से लपेटकर कर लेकर आएं। ’पिच्छियों की महाआराधना. की व्यवस्था तपोभूमि में ही की जाएगी।




