जबलपुर। दिगंबर जैन समाज के प्रमुख धार्मिक महापर्व पर्युषण एवं दशलक्षण पर्व के दौरान श्री महावीर स्वामी मार्ग स्थित ‘धर्मायतन’ श्री 1008 महावीर स्वामी दिगंबर जिनमंदिर में धर्म-साधना और संस्कारों की विशेष छटा दिखाई दे रही है। अलसुबह से श्रद्धालु जिनालय पहुंचकर अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर रहे हैं।
दस दिवसीय महापर्व के दौरान त्याग, तपस्या और आराधना के साथ बच्चों एवं युवाओं को संस्कारों से जोड़ने वाले धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
उत्तम शौच धर्म के साथ मनाया मोक्ष कल्याणक
महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की आराधना की गई। महाष्टमी के अवसर पर नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव भी श्रद्धा और हर्षोल्लास से मनाया गया।
विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना करते हुए आत्मशुद्धि और मोक्षमार्ग की मंगल भावना की।
सुबह 7:15 बजे जलाभिषेक से शुरू होती है आराधना
जिनमंदिर में प्रतिदिन सुबह 7:15 बजे भगवान के जलाभिषेक के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। इसके बाद सामूहिक पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों की सामूहिक सहभागिता के कारण पूरे दिन जिनालय में धर्ममय वातावरण बना रहता है।
प्रतिदिन दो बार शास्त्र स्वाध्याय
पर्युषण के दौरान मुंबई से पधारे विद्वान विपिन शास्त्री के सान्निध्य में विशेष धार्मिक अध्ययन कराया जा रहा है।
प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे और रात्रि 9 से 10 बजे तक शास्त्र स्वाध्याय हो रहा है। इसमें श्रद्धालुओं को जैन आगम एवं धर्म के सिद्धांतों का अध्ययन कराया जा रहा है।
10:30 बजे तत्त्वार्थसूत्र की विशेष कक्षा
प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से तत्त्वार्थसूत्र की विशेष कक्षा भी आयोजित की जा रही है। इसमें धर्म के मूल सिद्धांतों को समझने और उन पर चिंतन करने का अवसर मिल रहा है।
आयोजकों का प्रयास है कि पर्युषण के दस दिन केवल पूजा-अनुष्ठानों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वाध्याय के माध्यम से श्रद्धालु जैन दर्शन को भी समझें।
बच्चों और युवाओं में दिख रहा विशेष उत्साह
बच्चों एवं युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। बच्चों में कार्यक्रमों को लेकर विशेष उत्साह है, वहीं युवाओं की सक्रिय सहभागिता आयोजन में नई ऊर्जा जोड़ रही है।
वीतराग विज्ञान मंडल और जैन युवा फेडरेशन संभाल रहे आयोजन
श्री वीतराग विज्ञान मंडल एवं जैन युवा फेडरेशन के साथियों द्वारा महापर्व के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में भी धर्म-साधना, स्वाध्याय, तत्त्वार्थसूत्र अध्ययन, पूजन-अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा।




