इंदौर। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में आशा, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का प्रकाश फैलाने का संदेश भी देता है। इसी भावना को साकार करने की दिशा में जैन समाज के नकुल पाटोदी द्वारा इंदौर को एक नई सौगात देने की पहल की गई है। शहर के ऐतिहासिक कांच मंदिर के समीप, 91 हुकमचंद मार्ग पर शीघ्र ही ‘शीशमहल भारत हाट’ प्रारंभ होने जा रहा है। यह पहल व्यापारिक स्थान उपलब्ध कराने के साथ रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ऐतिहासिक शीशमहल को मिलेगी नई पहचान
भव्य स्थापत्य कला और ऐतिहासिक पहचान रखने वाला शीशमहल अब व्यापारिक गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की ओर अग्रसर है। इसकी आकर्षक बनावट, आंतरिक सज्जा और विशिष्ट परिवेश इसे सामान्य व्यापारिक परिसरों से अलग पहचान देते हैं।
छोटे दुकानदारों से बड़े व्यापारियों तक अवसर
शीशमहल भारत हाट की परिकल्पना में छोटे दुकानदारों, नए उद्यमियों और स्थापित व्यापारियों—सभी को आगे बढ़ने का अवसर देने की भावना है। “छोटी दुकान और बड़ा व्यापार, समय है उड़ान भरने का” संदेश के साथ यह परिसर व्यापार आरंभ करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी मंच बन सकता है।
रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
परियोजना का उद्देश्य स्थानीय व्यापार को नए आयाम देना तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित करना है। उचित स्थान और मंच के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रहे युवाओं व छोटे व्यापारियों के लिए यह पहल नई संभावनाएं खोल सकती है। दीपावली पर मिठाई या वस्त्र से आगे बढ़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर उपलब्ध कराने की सोच इस पहल को विशेष बनाती है। यदि योजना अपनी परिकल्पना के अनुरूप आकार लेती है, तो यह इंदौर में व्यापार, रोजगार और सामाजिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण बन सकती है।
स्थान : शीशमहल भारत हाट, 91 हुकमचंद मार्ग, कांच मंदिर के पास, इंदौर




