इंदौर। दलाल बाग स्थित विद्या सुधा देशना मंडप में विराजमान तीर्थ चक्रवर्ती मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागरजी महाराज के दर्शन करने पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इंदौर आध्यात्मिक ऊर्जा की धरती है। गुरुदेव के आगमन और उनके चरणों में कुछ क्षण बैठने से मिली नई ऊर्जा जीवनभर प्रेरणा देती रहेगी।
उन्होंने कहा कि संतों की वाणी केवल आत्मचिंतन का अवसर नहीं देती, बल्कि जीवन जीने की सही राह भी दिखाती है। जब भीतर से गुरुदेव के दर्शन की प्रेरणा मिलती है, तो उनके चरणों में आने का भाव स्वतः बनता है।
मालवा संस्कृति और आध्यात्मिकता की भूमि
ओम बिरला ने कहा कि मालवा आध्यात्मिकता और संस्कृति की भूमि है। यहां हजारों श्रावक संस्कार प्राप्त कर रहे हैं और देश-दुनिया में लोग घर बैठे भी गुरुदेव की देशना से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने दशलक्षण पर्व को तप, संयम और आत्मशुद्धि का पावन पर्व बताया।
जैन धर्म का संदेश विश्व के लिए आवश्यक
उन्होंने कहा कि आज समाज में बढ़ती कटुता के बीच जैन धर्म के अहिंसा, करुणा, संयम और शांति के विचार पूरी मानवता के लिए आवश्यक हैं। आचार्य शांतिसागरजी महाराज की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत के कदमों की आहट से भी किसी जीव को कष्ट न पहुंचे, वाणी में कटुता न हो और आचरण में करुणा व शिष्टता हो—यही जैन धर्म का संदेश है।
दर्शन के अवसर पर उपस्थित
मनीष गोधा, सपना गोधा, नवीन गोधा, आनंद गोधा, आलोक, आकाश कोल, अशोक डोशी, हर्ष जैन, हुकम काका, डॉ. जैनेन्द्र जैन, अक्षय कासलीवाल, ब्रह्मचारी प्रदीप भैया, पारस भैया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : राजेश जैन दद्दू





