इंदौर। दलाल बाग मैदान में आयोजित विशाल द्वादश वार्षिक पाठ्यक्रम संगोष्ठी को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने कहा कि धर्म करने की सीमा नहीं बांधनी चाहिए। व्यक्ति को पाठशाला, स्वाध्याय और धर्माराधना के लिए ‘समय नहीं है’ जैसा बहाना नहीं बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में अवसर मिलने पर धर्म, संयम और सद्विचारों को अपनाना चाहिए। धर्म से दूरी व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों में पहुंचा सकती है, जहां उसे साधना, मंदिर और सत्संग का अवसर सहजता से उपलब्ध न हो।
राग को समझें, द्वेष से बचें
मुनि श्री ने राग और द्वेष के विषय में कहा कि द्वेष, क्रोध और कटुता व्यक्ति के मन को अशांत करते हैं। उन्होंने कहा कि राग का त्याग कठिन होता है, क्योंकि वह धीरे-धीरे बढ़ता है और व्यक्ति को इसका सहजता से पता भी नहीं चलता।
प्रवचन में मुनिश्री ने मानसिक अशांति और तनाव से बचने के लिए संयमित विचार, धर्माराधना एवं आत्मचिंतन का संदेश दिया। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।
गुरु-वाणी से मिलता है नया उत्साह
मुनि पुंगव ने कहा कि अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और गुरु-वाणी का मनन जीवन में कल्याणकारी बनता है। गुरु के मुख से निकले शब्द हर बार नए अनुभव और नई प्रेरणा दे सकते हैं। नमोस्तु के भावपूर्ण उच्चारण से श्रद्धालु के भीतर श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
दुख में ही नहीं, सुख में भी करें धर्म
मुनि श्री ने कहा कि लोग प्रायः दुख और संकट आने पर भक्ति, पाठ और अनुष्ठान की ओर अधिक ध्यान देते हैं। किंतु वास्तविक सावधानी सुख, सुविधा और अनुकूलता के समय भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिनके पास साधन और अवसर अधिक हैं, उन्हें अपने आचरण के प्रति विशेष सजग रहना चाहिए। धन, सुविधा और सामर्थ्य का उपयोग सदाचार, सेवा, संयम और धर्मप्रभावना में होना चाहिए।
स्वाध्याय से बढ़ता है ज्ञान
द्वादशवर्षीय श्रमण संस्कृति महाधिवेशन में विभिन्न नगरों के संयोजकों एवं उपसंयोजकों का श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति, इंदौर द्वारा पीतवस्त्र, तिलक, शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया। मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा, ज्ञानेन्द्र गदिया, सूरत, जयदीप शास्त्री, शिवपुरी, मुरैना सहित अन्य प्रमुखजनों का सम्मान हुआ।
प्राचार्य डॉ. शास्त्री ने कहा कि स्वाध्याय जीवन में सरलता, सरसता और ज्ञानवृद्धि का कारण बनता है।
17 से 19 अक्टूबर तक राष्ट्रीय अधिवेशन
महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में स्नातक परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन 17 से 19 अक्टूबर तक दलाल बाग मैदान, इंदौर में आयोजित होगा। इसमें गुरुदेव का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
चक्रवर्ती सपना-मनीष गोधा, सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा, चातुर्मास अध्यक्ष रानी-अशोक जोशी, स्वागत अध्यक्ष संजय सामरिया, धर्मेंद्र सिमकेम, गिरीश गिन्नी, महामंत्री हर्ष जैन, मंत्री अक्षय कासलीवाल, कोषाध्यक्ष आकाश जैन, उपकोषाध्यक्ष सौरभ बड़जात्या सहित अन्य पदाधिकारियों ने समाजजनों से अधिवेशन में सहभागी बनने का आग्रह किया।
श्रीफल साथी : इंदौर




