इंदौर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जबरी बाग नसिया जी में दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर सांगानेर संस्थान के पंडित श्री अक्षय जैन द्वारा प्रतिदिन धार्मिक स्वाध्याय पाठ का आयोजन किया गया।
पंडित अक्षय जैन ने कहा कि दशलक्षण महापर्व का उद्देश्य आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से आत्मचिंतन एवं सदाचार के भावों को जागृत करना है। स्वाध्याय से श्रद्धालुओं में धर्म के प्रति श्रद्धा, ज्ञानार्जन और आत्मकल्याण की भावना सुदृढ़ होती है।
दशलक्षण के महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन
स्वाध्याय के दौरान पंडितजी ने दशलक्षण महापर्व से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर श्रावक-श्राविकाओं का मार्गदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने नियमित रूप से अध्ययन कर धार्मिक ज्ञान का लाभ लिया।
प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्ण सहभागिता
प्रतिदिन स्वाध्याय के समापन पर ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी का संचालन सुधीर जैन ‘सरल’ के संयोजन में किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
करिश्मा-सौरभ जैन परिवार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रभावना वितरित की गई।
पंडितजी एवं बच्चों का सम्मान
अनंत चतुर्दशी के अंतिम दिन पंडित अक्षय जैन का श्रीफल देकर सम्मान किया गया। विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों, पाठशाला विद्यार्थियों, नसिया छात्रावास के विद्यार्थियों एवं विभिन्न स्थानों से धर्मप्रभावना में जुड़े प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महेंद्रकुमार जैन, राजेश जैन, वीर कुमार जैन, प्रकाशचंद्र शास्त्री, राजेंद्र कुमार जैन, दीपक जैन, सचिन जैन, राजीव जैन, विशाल जैन, उज्जवल जैन काजू, आकाश जैन, प्रफुल्ल जैन, अमित जैन, अविनाश जैन सहित समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन उज्जवल जैन काजू ने किया तथा आभार प्रदर्शन आकाश जैन ने व्यक्त किया।
एक नजर में
दशलक्षण महापर्व में प्रतिदिन धार्मिक स्वाध्याय आयोजित हुआ।
पंडित अक्षय जैन ने आत्मचिंतन एवं सदाचार का संदेश दिया।
सुधीर जैन ‘सरल’ के संयोजन में प्रश्नोत्तरी हुई।
करिश्मा-सौरभ जैन परिवार ने प्रभावना वितरित की।
पंडितजी एवं बच्चों सहित विभिन्न प्रतिभागियों का सम्मान किया गया।
पोल : धार्मिक स्वाध्याय से जीवन में सबसे अधिक क्या विकसित होता है?
आत्मचिंतन और सदाचार
धर्म का ज्ञान एवं संस्कार
श्रीफल साथी : हरिहर सिंह चौहान, इंदौर




