दिल्ली। यह केवल एक महोत्सव नहीं है। यह जैन समाज के गौरव को बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय अवसर है। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से 5 युवाओं की जैन मुनि दीक्षा 25 अक्टूबर को दिल्ली के लाल किले पर होने जा रही है। आचार्य गुरुदेव श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में दिल्ली में यह इतिहास के पृष्ठों में दर्ज होने वाला अदभुत समारोह होगा। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के कर कमलों से इन भैयाजी की दिगंबर दीक्षा होंगी। बाल ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (प्रतापगढ़, राज.), बाल ब्रह्मचारी अनिकेत भैयाजी (मुंबई), बाल ब्रह्मचारी यश भैया जी (भिंड,मध्य प्रदेश), प्रसन्न पाटणी (छत्रपति संभाजी नगर, महाराष्ट्र), ब्रम्हचारी वकील चंद्र जी, (बड़ौत, उत्तर प्रदेश ) ये सभी 5 ब्रह्मचारी पिछले 2 वर्षों से प्रयास कर रहे थे कि उनकी दीक्षा हो। आचार्य विशुद्ध सागर जी ने कहा था की आपको जरूर दीक्षा देंगे और वह ऐतिहासिक दीक्षाएं होंगी। यह कार्यक्रम दोपहर दो बजे आरंभ होगा।
देश-विदेश की निगाह रहेगी इन दीक्षाओं पर
बाल ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (प्रतापगढ़, राज.), बाल ब्रह्मचारी अनिकेत भैयाजी (मुंबई), बाल ब्रह्मचारी यश भैया जी (भिंड,मध्य प्रदेश), प्रसन्न पाटणी (छत्रपति संभाजी नगर, महाराष्ट्र), ब्रम्हचारी वकील चंद्र जी, (बड़ौत, उत्तर प्रदेश ) यह सभी 5 ब्रम्हचारी पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज के सानिध्य में आ गए। जैन मुनि बनने प्रक्रिया कठिन होती है। निरंतर साधना और तपस्या के बाद विशुद्ध सागरजी महाराज ने उन्हें दीक्षा देने की स्वीकृति दी है। दिल्ली लाल किला में होने वाला जैनेश्वरी दीक्षा का दृश्य पूरा विश्व देखेगा।
पुण्य, श्रद्धा और सौभाग्य से मिलने वाला अवसर है
सोचिए...जिस युवा के जीवन में संसार से वैराग्य लेकर संयम के पथ पर बढ़ने का महान निर्णय हुआ है। उनकी दीक्षा देखने का सौभाग्य हर परिवार के जीवन में बार-बार नहीं आता। यह कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं है। यह पुण्य, श्रद्धा और सौभाग्य से मिलने वाला अवसर है। आइए, अपने परिवार को इस ऐतिहासिक अवसर से जोड़ें। इस स्वर्णिम क्षण के साक्षी बनें और अपने परिवार के जीवन में एक यादगार धार्मिक पुण्यार्जन जोड़ें। यह अवसर हाथ से न जाने दें। अपने परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों को साथ लेकर आइए और इस ऐतिहासिक स्वर्णिम क्षण का पुण्य लाभ प्राप्त कीजिए।




