इंदौर। नेमिनगर जैन कॉलोनी के सन्मति समवशरण पांडाल में शुक्रवार को दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने उत्तम आर्जव धर्म पर विस्तृत विवेचन किया। उन्होंने धर्मसभा में आचार्यश्री ने कहा कि कुटिल भाव को छोड़कर, क्रोध को छोड़कर, अभिमान को छोडकर श्रावक धर्म निभाने वाले आर्जव धर्म का धारण करने वाले होते हैं। क्रोध का त्याग करने, अभिमान को त्यागने से ही कपट समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा-जहां सजावट है वहां बनावट है। एक जमाना था जब मंत्र काम करते थे। फिर एक जमाना था तंत्र काम करते थे। फिर वह जमाना आया जब यंत्र काम करते थे। आजकल तो षड़यंत्र काम करते थे। आचार्यश्री ने कहा कि कपट किसी का सगा नहीं होता। कपट से बचना चाहिए। अपनी अच्छाइयां काम आती है। आप अपनों के साथ चले या न चले। अपनों के साथ कोई चाल न चले। यह दुनिया इतनी हल्की हो चुकी है कि आपकी एक खामी हजार खुबियों पर भारी पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज यंू ही आगे बढ़ जाए, उसकी टांग खिचने के बजाय हाथ खींचा जाए। छल करोगे तो छल मिलेगा। आज नहीं तो कल मिलेगा। छल कपट से महाभारत निभाई जाती है। रिश्ते निभाने के लिए रामायण से सीखो। उन्होंने आर्जव धर्म को बोधकथा के माध्यम समझाया। गुरुदेव ने कहा कि जैसे हमारे गुरु हैं, वैसे ही बनकर चलना चाहिए।

चातुर्मास चक्रवर्ती मनीष सपना गोधा परिवार ने किया चित्र अनावरण

धर्मसभा से पूर्व सौधर्म इन्द्र के रूप में चातुर्मास चक्रवर्ती मनीष सपना गोधा परिवार ने चित्र अनावरण किया। दीप प्रज्वलन कर आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन कर पुर्ण्याजन किया। इस अवसर पर सभी नियम और उपवास वाले शिविरार्थियों ने आचार्यश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित किया।

25 नवंबर से होगा नेमिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव

आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज ने बताया कि नेमिनगर कॉलोनी में नेमिनाथ भगवान की स्थापना होने के बाद अभी तक उनका पंचकल्याणक नहीं हुआ। इसकी जानकारी मिलते ही यह तय किया कि इस बार अब 25 से 29 नवंबर तक नेमिनाथ पंचचकल्याणक महोत्सव इसी पांडाल में मनाया जाएगा। गिरीश पाटोदी ने बताया कि इसकी तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं।

पूजन में नन्हें बच्चों का उत्साह भी रहा सराहनीय

नेमिनगर जैन कॉलोनी के सन्मति समवशरण पांडाल में शुक्रवार को दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के निमित्त नित्यमह पूजन, अर्घ्य समर्पण, अभिषेक आदि विधान में श्रावक संस्कार शिविर के शिविरार्थियों ने भाग लिया। पंडित नितिन झांझरी ने मंत्रोच्चार के साथ यह पूजन करवाया। यहां पयुर्षण पर्व के दौरान प्रतिदिन शिविर में आए शिविरार्थी तप, उपवास और आराधना और साधना कर रहे हैं। इसमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। शिविर की खास बात यह है कि यहां पर नन्हें बच्चे भी नित्य पूजन में भाग ले रहे हैं और भगवान की आराधना कर रहे हैं। आर्यिका माताजी के भजनों पर श्रद्धालु शिविरार्थीगण भक्ति के साथ आराधना में जुटे हुए हैं।

सन्मति प्राकृत विद्यापीठ के बालकों ने नाटक की प्रस्तुति दी

शिविर में सन्मति प्राकृत विद्यापीठ के बालकों ने उत्तम आर्जव धर्म पर आधारित लघु नाटिका मनोहारी प्रस्तुति देकर सबका दिल जीत लिया। प्रभावी मंचन से प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज का बालकों को आशीर्वाद भी मिला।

पूजन में महिला मंडल ने भजनों पर नृत्य कर माहौल धर्ममय बनाया

सन्मति समवशरण पांडाल में शुक्रवार को हुए पूजन में पंडित नितिन झांझरी और आर्यिका माताजी सुस्वरमति माताजी के भजनों पर महिला मंडल की महिला सदस्याओं ने नृत्य करते हुए चंवर झुलाते हुए भक्ति और आराधना कर माहौल को धर्ममय बना दिया। पांडाल में मौजूद पुरुष शिविरार्थियों ने भी भक्ति में उनका बराबरी से साथ निभाया।

इस अवसर पर यह रहे मौजूद

धर्मसभा में चातुर्मास चक्रवर्ती मनीष गोधा, सपना गोधा, अर्चना गोधा, हसमुख गांधी, इंद्रकुमार सेठी, गिरीश पाटोदी, कैलाश लुहाड़िया, टीके वेद, पंडित नितिन झांझरी, भाजपा पार्षद भारतसिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।