उपाध्याय मुनि श्री 108 विरंजन सागर महाराज के मंगल सानिध्य में 25 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रथम बार 25 मंडलों से सुशोभित श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। पढ़िए मनीष विद्यार्थी की रिपोर्ट...
शाहगढ़। बुंदेलखंड की पावन धरा संतों की नगरी, 1857 के स्वाधीनता संग्राम के प्रणेता महाराज बखतबलि शाह जू देव की नगरी शाहगढ़ में बुंदेलखंड के प्रथम आचार्य परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज के शिष्य जनसंत उपाध्याय मुनि श्री 108 विरंजन सागर महाराज के मंगल सानिध्य में 25 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रथम बार 25 मंडलों से सुशोभित श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।

पांच हजार धर्मावलंबियों के बैठने की क्षमता वाले नगर भवन में 80/135 के तैयार किए गए विशाल पंडाल में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान को लेकर तैयारियां और जिम्मेदारीयों को सौंपा गया। बीते रविवार को जनसंत मुनि श्री विरंजन सागर महाराज ने चातुर्मास समिति के साथ नगर भवन में आयोजित विधान स्थल की व्यवस्थाओं को देखा।
विधान में सौधर्म इंद्र सचिन सागर, चक्रवर्ती इंद्र सुदीप डेवड़िया, कुबेर इंद्र कमल डेवड़ीया, महायज्ञानायक राजकुमार मिठया, बाहुबली राजीव बमनोरा बने हैं। इसके अलावा 24 समवशरण पर 24 सौधर्म इंद्र आदि पात्रों की चयन प्रक्रिया पूरी हुई। 25 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से घटयात्रा निकाली गई। 28 अक्टूबर दोपहर में आरती संघ द्वारा महामुनिराज आचार्य विद्यासागर महाराज का 77वां जन्म दिवस मनाया जाएगा और रात्रि में भजन- नृत्य प्रतियोगिता होगी। 29 अक्टूबर को दोपहर में चक्रवर्ती दिग्विजय यात्रा, रात्रि में चक्रवर्ती दरबार, इंद्र सभा का आयोजन होगा। 30 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 31 अक्टूबर को गौराबाई मंदिर सागर की बालिकाओं द्वारा नाटिका, 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर तहसील प्रेस क्लब द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह, रात्रि में शांतिनाथ औषधि दान सेवा समिति द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा। प्रतिदिन जनसन्त मुनि श्री विरंजन सागर महाराज की मंगल देशना होगी, समापन पर 2 नवंबर को नगर रथ यात्रा निकाली जाएगी।




