मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के मनोचिकित्सा विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम में मेडिकल के डीन एकेडमिक्स एवं एनाटॉमी विभाग के एचओडी प्रो. एसके जैन ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि अब मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने के बजाए उन पर खुलकर बात करने की दरकार है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दुश्वारियों को स्वीकार करना और समय पर सहायता लेना जागरूक समाज की पहचान है। पेशेंट्स को परिवार एवम् समाज का सहयोग मिलना भी बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता ही सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम लिव्ड एक्सपीरियंसेज हर्डः रियल वॉइसेज, रियल चेंज रही। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण टीएमयू में मानसिक बीमारियों का सफल इलाज कराकर पूरी तरह स्वस्थ हो चुके पांच मरीज रहे। इन मरीजों ने अपनी रिकवरी यात्रा और टीएमयू में मिले किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनकी प्रेरणादायक जीवन-यात्रा के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए

विशिष्ट अतिथि प्रो. जिगर हरिया ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य। उन्होंने लोगों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया, जब व्यक्ति अपनी परेशानी साझा करता है तो समस्या को समझने और उसका उचित समाधान निकालने में मदद मिलती है। डॉ. मनीष त्यागी ने सभी उपस्थित लोगों को मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों के लिए मनोरंजक खेलों और विशेष लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

इन विद्वानों की भी रही उपस्थिति

इस अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग की एचओडी प्रो. प्रेरणा गुप्ता, डॉ. ऋषभ चंद्रा, डॉ. लक्ष्मी कोटामार्थी, डॉ. एंजेलिन लॉरेंस,डॉ. अर्शदीप शर्मा, डॉ. स्वाति जैन, डॉ. अंकुर गुप्ता, डॉ. आकृति सूद, डॉ. शुद्ध होम मेहता, डॉ. वरुण धारीवाल और डॉ. रूपल जैन के साथ स्टाफ सदस्य, फैकल्टी मेंबर्स और स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। संचालन डॉ. तन्वी और डॉ. इशज्योत ने किया। जबकि डॉ. शांभवी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।