धामनोद। स्थानीय जैन मंदिर में राष्ट्रीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का 80वां अवतरण दिवस, आचार्य श्री समयसागर महाराज का 67वां अवतरण दिवस तथा गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी का 93वां अवतरण दिवस एवं 75वां संयम दिवस श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर समाज की पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय सरला प्रधान के स्मरण दिवस पर अशोक एवं दीपक प्रधान परिवार की ओर से श्री भक्तामर पाठ का आयोजन किया गया। समाज के पुरुष, महिलाएं एवं युवा बड़ी संख्या में पाठ में शामिल हुए।
गुणानुवाद सभा में स्मरण हुए संतों के आदर्श
भक्तामर पाठ के पश्चात गुणानुवाद सभा आयोजित हुई, जिसमें आचार्य विद्यासागर महाराज के त्याग, तप, साहित्य और समाजोपयोगी प्रेरणाओं का स्मरण किया गया। आचार्य समयसागर महाराज के मार्गदर्शन में श्रमण परंपरा के निरंतर आगे बढ़ने की मंगल भावना व्यक्त की गई।
सभा में गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी के दीर्घ साधनामय जीवन, तीर्थ संरक्षण तथा विशाल साहित्य-सृजन पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि संतों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।
संत सेवा के लिए भेंट की स्टील टेबल
राष्ट्रीय संत वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमानसागर महाराज के भक्त सपना-विशेष जैन, प्रीति डॉ. विनय प्रधान तथा मीना-दीपक प्रधान परिवार की ओर से संत सेवा एवं आहार व्यवस्था के लिए स्टील की टेबल भेंट की गई।
आरती और धर्मप्रभावना का आयोजन
कार्यक्रम में श्रीजी की आरती की गई तथा प्रभा एवं मीना प्रधान ने धर्मप्रभावना वितरित की। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र जैन, उपाध्यक्ष संदीप मंडलोई, कोषाध्यक्ष विजय जैन ‘झंडा’, सहसचिव अजय जैन, सुनील जैन, सुरेश जैन, पूर्णिमा जैन, सुशीला जैन, किरण जैन, अनिता जैन, सुरक्षा जैन, डॉ. प्रीति जैन तथा मुनिसेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन एवं राकेश जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।





