धामनोद। आश्विन सुदी ग्यारस के अवसर पर धामनोद दिगंबर जैन समाज ने जैन धर्म के प्रथमाचार्य महामुनिराज शिरोमणि आचार्य श्री 108 शांतिसागर जी महाराज का आचार्य पदारोहण दिवस मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मनाया।
अष्टद्रव्य से किए अर्घ्य समर्पित
कार्यक्रम में श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्यश्री के चित्र के समक्ष अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने दोहों के माध्यम से अर्घ्य समर्पित कर आचार्यश्री के त्याग, तप, संयम और धर्मप्रभावना का गुणानुवाद किया।
मुनि परंपरा के पुनरुत्थान का स्मरण
समाजजनों ने आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के जीवन एवं योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने दिगंबर मुनि परंपरा के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्शों से प्रेरित होकर अनेक साधक संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हुए हैं।
आचार्यश्री की परंपरा आज भी समाज को अहिंसा, विश्व-शांति, तप, त्याग और सदाचार का संदेश दे रही है।
समाजजनों की रही सहभागिता
इस अवसर पर दीपक प्रधान, प्रभा प्रधान, राकेश जैन, पीयूष जैन, पंडित नितिन जैन, दीपांशु जैन, सुनील जैन, पारस जैन, सुरेश जैन, नरेंद्र जैन, अभिषेक जैन, अजय जैन, डॉ. प्रकाश किवायत, अशोक प्रधान, अनिल जैन, राजेश जैन, पूर्णिमा जैन, मीना प्रधान, सुरक्षा जैन, सीमा जैन, कांता बड़कुल, शोभा जैन, उषा जैन एवं मीना जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीफल साथी : धामनोद




