धामनोद। दशलक्षण महापर्व के अवसर पर नगर के श्रावक-श्राविकाएं भक्ति और तप-साधना में लीन हैं। पर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म की श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। मंदिर परिसर में अभिषेक, शांतिधारा, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक प्रवचनों का क्रम जारी रहा।
लगातार 13वें वर्ष दस उपवास साधना
श्राविका प्रणीति शैलेंद्र जैन द्वारा दस उपवास की साधना की जा रही है। वे लगातार 13 वर्षों से इस कठिन तप-साधना का पालन कर रही हैं। समाजजनों ने उनकी तपस्या की अनुमोदना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
शांतिधारा में परिवारों का सहयोग
श्रावक श्रेष्ठी अजय जैन ने अपनी माताजी कमलाबाई के जन्मदिवस के अवसर पर शांतिधारा में सहयोग किया। श्रावक श्रेष्ठी राकेश जैन पंधानिया ने सुरक्षा जैन की उपवास साधना के उपलक्ष्य में तथा दीप्ति जैन की उपवास साधना के अवसर पर शांतिधारा में सहयोग प्रदान किया।
विजय जैन किराना वाले ने अपनी माताजी के निमित्त और किरण-संजय जैन ने शुभम के लिए शांतिधारा में सहभागिता की।
प्रवचन, पाठशाला और प्रश्नमंच
भोपाल से पधारे पंडित कमल जैन दशलक्षण धर्म पर प्रवचन दे रहे हैं। दोपहर में महिलाओं की धर्म कक्षा एवं बच्चों की पाठशाला आयोजित हो रही है। शाम को प्रवचन और प्रश्नमंच के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हो रहे हैं।
समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान एवं यश ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के दौरान प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियां श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो रही हैं।
श्रीफल साथी : दीपक प्रधान, धामनोद




