धामनोद। जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मनाया गया। नित्य पूजन, अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
नगर में निकला भव्य चल समारोह
श्रीजी को वेदी में विराजमान कर धामनोद नगर के प्रमुख मार्गों से चल समारोह निकाला गया। बैंड-बाजों के साथ निकले जुलूस में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने श्रीजी की आरती कर स्वागत किया।
चल समारोह में पुरुष श्वेत कुर्ता और महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर शामिल हुईं। व्रती श्रद्धालु भी जुलूस में चले। चल समारोह पुनः मंदिर पहुंचा, जहां भोपाल से पधारे विद्वान पंडित कमल जैन के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी को पांडुकशिला पर विराजमान कराया गया।
स्वर्ण एवं रजत कलशों की बोली
विशेष पूजन-विधि के पश्चात एक स्वर्ण कलश, 10 रजत कलश, शांतिधारा, श्रीजी की आरती एवं माला की बोलियां लगाई गईं। श्रावक श्रेष्ठियों ने अपनी चंचला राशि का उपयोग पुण्यकार्य में कर लाभार्थी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
दस दिनों तक हुई धर्म की अमृतवर्षा
समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान एवं मीडिया प्रभारी यश जैन ने बताया कि महापर्व के दस दिनों में धर्म के विभिन्न विषयों पर विद्वान पंडित कमल जैन की अमृतमयी वाणी का लाभ समाजजनों को मिला। श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं स्वाध्याय के माध्यम से धर्म के कठिन पथ पर चलने का संकल्प लिया।
पाठशाला खोलने का निर्णय
समाज ने बच्चों के प्रारंभिक धार्मिक ज्ञान एवं संस्कारों के लिए पाठशाला खोलने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को धर्म का बौद्धिक एवं संस्कारमय ज्ञान प्रदान करना है।
विधायक ने संत निवास के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की
सचिव प्रभा प्रधान एवं सहसचिव अजय जैन ने बताया कि मंदिर में आकर्षक सजावट एवं विद्युत रोशनी की गई। अनेक श्रद्धालुओं ने उपवास की साधना भी की।
दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन क्षेत्रीय विधायक कालूसिंह ठाकुर भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने संत निवास के लिए विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने की घोषणा की, जिसके लिए समाज समिति एवं उपस्थित समाजजनों ने उनका स्वागत कर आभार व्यक्त किया। dपर्युषण पर्व के सभी कार्यक्रमों में संरक्षक राकेश जैन ‘रिवाज’, मुनि सेवा समिति, पुलिस एवं तहसील प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा।
एक नजर में
- वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
- नगर के प्रमुख मार्गों से श्रीजी का चल समारोह निकला।
- पंडित कमल जैन के सान्निध्य में पांडुकशिला पर पूजन हुआ।
- समाज ने बच्चों के लिए पाठशाला खोलने का निर्णय लिया।
- विधायक ने संत निवास के लिए निधि से राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
पोल : दशलक्षण महापर्व के बाद समाज के लिए कौन-सी पहल सबसे उपयोगी है?
- बच्चों के लिए नियमित धार्मिक पाठशाला
- सामूहिक स्वाध्याय एवं धर्मचर्चा
श्रीफल साथी : यश जैन, धामनोद




