डडूका (बांसवाड़ा)। दशलक्षण महापर्व के दौरान पांच उपवास का व्रत धारण कर तप साधना में आगे बढ़ रहीं पांच बेटियों का दिगंबर जैन समाज डडूका, जैन युवा समिति डडूका एवं पाठशाला परिवार की ओर से बहुमान कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की गई।

समाज अध्यक्ष राजेश शाह, समिति अध्यक्ष चिराग जैन एवं समाज के पंचों ने पांच उपवास की साधना कर रहीं मीनल गांधी, माही जैन, मिष्ठी जैन, मानवी जैन और हेत्वी जैन का बहुमान किया।

पाठशाला और माताजी से मिली तप की प्रेरणा

सम्मान के दौरान व्रतियों ने अपनी तपस्या की प्रेरणा दिगंबर जैन पाठशाला डडूका, आर्यिका पवित्रमति माताजी एवं मूलनायक भगवान पारसनाथ को बताया।

सम्मान सभा को राजेश शाह, चिराग जैन, पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया, धनपाल शाह, मनोज शाह एवं वीरेंद्र जैन ने संबोधित किया। वीरेंद्र जैन ने अनुमोदना गीत प्रस्तुत कर तपस्वियों के प्रति भाव व्यक्त किए।

‘संस्कार ही समाज और धर्म को सुरक्षित रखते हैं’

भैयाजी मयंक शास्त्री सागर ने कहा कि पाठशाला से बच्चों को अच्छे संस्कार मिलते हैं और यही संस्कार जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं। नई पीढ़ी के बच्चों द्वारा पांच उपवास जैसी तप साधना करना धार्मिक संस्कारों के प्रभाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि संस्कारों की पीढ़ी आगे बढ़ती है तो समाज और धर्म की परंपराएं भी सुरक्षित रहती हैं।

दस उपवास की साधना की ओर बढ़ रहे सिद्धार्थ गांधी

सम्मान समारोह का संचालन राजेंद्र कोठिया ने किया। आभार रॉकी गांधी, अशोक एम. शाह, पीयूष सेठ, योगेश शाह एवं जिनेंद्र गांधी ने व्यक्त किया।

इसके बाद पांचों व्रतियों ने दस उपवास की साधना की ओर अग्रसर सिद्धार्थ गांधी के साथ जिनालय पहुंचकर भगवान के समक्ष पोसारा (द्रव्य सामग्री) अर्पित किया। व्रतियों के परिवारों की ओर से समाजजनों को श्रीफल भेंट कर प्रभावना वितरित की गई।

आज जिनालय में मनेगी सुगंध दशमी

समाज प्रवक्ता राकेश शाह ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के क्रम में आज जिनालय में सुगंध दशमी पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालु जिनालय में धर्म आराधना एवं धूप अर्पित करेंगे।