नगर में चातुर्मासरत मुनिद्वय मुनिश्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज के ज्ञान वर्धक निजानंद ज्ञानामृत वर्षायोग की सफल निष्ठापन क्रियाएं संपन्न कर चातुर्मास की समाप्ति पर कलश वितरित किए गए। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर...
सनावद। नगर में चातुर्मासरत मुनिद्वय मुनिश्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज के ज्ञान वर्धक निजानंद ज्ञानामृत वर्षायोग की सफल निष्ठापन क्रियाएं संपन्न कर चातुर्मास की समाप्ति पर कलश वितरित किए गए। नगर में पिछले 4 माह से निरंतर धर्म प्रभावना कर रहे मुनिद्वय तपस्या तपोनिधि मुनिश्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज एवं वात्सल्य ऋषि मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज के ज्ञान वर्धक निजानंद ज्ञानामृत वर्षायोग योग की समाप्ति पर श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में स्थापित वर्षा योग मंगल कलशों का मंत्र अनुष्ठान कर पुण्यशाली कलश धारकों को कलश वितरित किए गए। इस अवसर पर मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज द्वारा 108 लौंग एवं कपूर से आहुतियां देकर मंत्र अनुष्ठान संपन्न करवाया।
जैसा कि ज्ञात है युगल मुनिराज के प्रथम कलश प्राप्त करने का सौभाग्य मुकेशकुमार प्रेमचंद जैन शुभम् पेप्सी परिवार एवं द्वितीय कलश पवन कुमार कातोरा परिवार एवं तृतीय कलश लोकेंद्र कुमार जैन परिवार एवं महोदधी साध्य सिद्धि कलश श्री पवनकुमार विनीश कुमार गोधा परिवार सनावद को प्राप्त हुआ। साथ ही 62 अन्य कलश पुण्यारजक परिवारों को मुनि श्री ने अपने हस्त कर कमलों से स्वास्तिक और तिलक कर सौंपे। इस अवसर सभी समाजजनों अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर पुण्य संचय किया।




