इंदौर के ब्रह्मचारी उत्तमचंद जी (85) ने उदासीन आश्रम में समता और शांति के साथ समाधि मरण किया। 18 वर्षों से धर्म साधना में लीन रहे। समाजजनों और परिवार की उपस्थिति में अंतिम संस्कार हुआ। श्रद्धांजलि सभा में अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। राजेश जैन की रिपोर्ट 
इंदौर । इंदौर में दिगंबर जैन समाज के धर्मनिष्ठ ब्रह्मचारी श्री उत्तमचंद जी (85) ने आज प्रातः 6:45 बजे उदासीन आश्रम, एमजी रोड में समता और शांतिपूर्वक समाधि मरण किया। उन्होंने अपने जीवन का अंतिम क्षण भी धर्ममय बनाते हुए मरण को मांगलिक बना लिया। धर्म साधना में बीते 18 वर्ष

ब्रह्मचारी उत्तमचंद जी पिछले 18 वर्षों से उदासीन आश्रम में रहकर आत्म साधना और धर्म साधना में लीन थे। उनका जीवन पूरी तरह संयम, साधना और आत्मकल्याण के लिए समर्पित रहा।

 संतों के सानिध्य में अंतिम क्षण

अपने अंतिम समय में वे अनेक ब्रह्मचारी भाइयों के सानिध्य में थे और वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी के मुखारविंद से धर्म उपदेश सुनते हुए शांतिपूर्वक देह का त्याग किया।

अंतिम यात्रा और संस्कार

सुबह 7:30 बजे उदासीन आश्रम से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जो जूनी इंदौर मुक्तिधाम पहुंची। वहां परिवारजनों, ब्रह्मचारीगण और समाज के प्रमुख लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

 श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा समाज

शोक सभा में उदासीन आश्रम के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी अनिल भैया, सुनील भैया, जिनेश भैया, मुकेश भैया, हरीश भैया सहित समाज के कई प्रमुख व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।