भिंड। नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर अटेर तहसील के अंतर्गत ग्राम दूल्हागन स्थित प्राचीन श्री 1008 सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिन मंदिर में वार्षिक मेला महोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया।

10 अक्टूबर को कुमार मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या के अवसर पर श्रीजी की जलधारा तथा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन, पूजन एवं जलधारा के माध्यम से धर्मलाभ प्राप्त किया।

श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क बस सेवा

महोत्सव में सहभागिता के लिए भिंड से दूल्हागन तक निःशुल्क बस सेवा की व्यवस्था श्रीजी मंदिर कमेटी द्वारा की गई। इस सुविधा के माध्यम से बड़ी संख्या में समाजजन मंदिर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।

प्राचीन धरोहर से जुड़ी है आस्था

अशोक जैन एवं सतीश जैन ने बताया कि जैन समाज की इस प्राचीन मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। उनके अनुसार लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व गांव में जैन समाज के अनेक परिवार निवास करते थे, जो समय के साथ भिंड और अन्य नगरों में जाकर बस गए। इसके बावजूद मंदिर के साथ समाजजनों की धार्मिक भावनाएं आज भी जुड़ी हुई हैं।

ग्रामवासी भी दूल्हागन के क्षेत्रपाल बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते हैं।

जीर्णोद्धार कार्य प्रगतिरत

परम पूज्य उपाध्याय श्री विहसंतसागरजी महाराज की मंगल प्रेरणा से प्राचीन जिन मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। मंदिर कमेटी एवं समाजजन इस धार्मिक धरोहर के संरक्षण और विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं।

समिति का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

समाजजनों ने बढ़ाई आयोजन की शोभा

महोत्सव में बोहरे जैन (दिल्ली), बंटू जैन, संजय जैन (पुणे), गोलू जैन, ऋषभ जैन (दिल्ली), रविंद्र जैन, हेमू जैन, राहुल जैन पार्षद, बॉबी जैन, राजीव जैन, छोटे नेता सहित अनेक समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सभी ने भगवान के दर्शन कर मंदिर संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य में सहयोग की भावना व्यक्त की।

श्रीफल साथी : सोनल जैन, भिंड