भिलाई (छत्तीसगढ़)। राज्य गठन के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ प्रांत स्तरीय गोलापूर्व दिगंबर जैन समाज का पारिवारिक मिलन समारोह, राज्य स्तरीय क्षमावाणी कार्यक्रम एवं प्रथम पारिवारिक पत्रिका ‘पुरखौती’ का विमोचन सन्मति पैलेस, रिसाली-भिलाई में आयोजित किया गया।
समारोह में अभादि जैन गोलापूर्व महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्रेयांश जैन सागर, उपाध्यक्ष देवेंद्र लुहारी सागर एवं विनोद जैन कोतमा, प्रचार मंत्री एवं जैन तीर्थ रेशंदीगिरि-नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश जैन रागी बकस्वाहा सहित अनेक पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।
‘पुरखौती’ का विमोचन
पूर्वजों के गौरव, संस्कार, ज्ञान और सामाजिक संपर्क को सहेजने के उद्देश्य से प्रकाशित पारिवारिक पत्रिका ‘पुरखौती’ का विमोचन किया गया। पत्रिका का संदेश ‘जुड़ेंगे, जानेंगे, बढ़ेंगे’ रहा।
डोंगरगांव के सुनील-सुलेखा जैन एवं सुजीत-ममता जैन सप्रेम परिवार ने मंचासीन अतिथियों के साथ पत्रिका का विमोचन किया। इसी अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य पंडित ऋषभ जैन शास्त्री, नवापारा राजिम द्वारा लिखित, संकलित एवं संपादित पुस्तक ‘जैन चरित्र बोध-भाग 1’ (बाल शिक्षा) का भी विमोचन हुआ।
दिनभर रहे विविध आयोजन
समारोह में पंजीयन, स्वल्पाहार, पारिवारिक परिचय, खेलकूद, चित्रकला प्रतियोगिता, सामूहिक गरबा, लकी ड्रॉ और वात्सल्य मिलन भोज का आयोजन किया गया। क्षमावाणी के माध्यम से समाजजनों ने परस्पर मैत्री, सद्भाव और क्षमा का संदेश दिया।
मंगलाचरण के बाद चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन हुआ। मंचासीन अतिथियों तथा प्रांत के विभिन्न अंचलों से आए प्रतिनिधियों ने सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे।
सम्मान एवं पुरस्कार वितरण
मंचासीन अतिथियों, विमोचनकर्ताओं, पुण्यार्जक परिवारों, पत्रिका निर्माण में सहयोग देने वाले सदस्यों, समिति पदाधिकारियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। लकी ड्रॉ के माध्यम से चयनित परिवारों को भी पुरस्कृत किया गया।
सहयोगकर्ताओं की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम का मंच संचालन पंडित अनेकांत जैन शास्त्री ने सीए क्षितिज जैन एवं प्रासुक नाहर के साथ किया। आयोजन और पत्रिका निर्माण में भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, डोंगरगांव, राजनांदगांव, मुंगेली एवं बलौदाबाजार सहित विभिन्न नगरों के समाजबंधुओं ने सहयोग किया।
पत्रिका प्रकाशन में सुनील कुमार-सुजीत कुमार जैन सप्रेम परिवार, राजेश जैन-मुकेश जैन, हेमंत जैन तथा सेठ सौरभ जैन सहित सहयोगकर्ताओं की उल्लेखनीय भूमिका रही।
श्रीफल साथी : रत्नेश जैन रागी, बकस्वाहा




