आगरा। श्री दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह (एपीपीएस) का चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन 6 सितंबर को आगरा के ओल्ड ईदगाह स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन का शुभारंभ प्रातः 9.30 बजे होगा। इसमें देशभर से करीब 150 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रण
एपीपीएस के राष्ट्रीय संयोजक अजय जैन शिवपुरी एवं रविन्द्र जैन जमूसर भोपाल ने बताया कि अधिवेशन में परम संरक्षक प्रदीप जैन पीएनसी आगरा, महेन्द्र कुमार जैन दिल्ली, कमलेश जैन सीए गुरुग्राम, सुदीप जैन गुरुग्राम सहित संस्था के सभी संरक्षकों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। अधिवेशन की व्यवस्थाएं आगरा क्षेत्र के संरक्षकों एवं क्षेत्रीय संयोजकों द्वारा की जा रही हैं।
वैवाहिक संबंधों पर होगा मंथन
राष्ट्रीय संयोजक एवं जैसवाल जैन परिणय एप के एडमिन रूपेश जैन उत्तम नगर दिल्ली ने बताया कि अधिवेशन में विवाह योग्य सजातीय युवक-युवतियों के सगाई एवं वैवाहिक संबंधों को लेकर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही विवाह योग्य बच्चों के फोटो एवं संपूर्ण परिचय सहित बहुरंगी परिचय पुस्तिका के प्रकाशन तथा संस्था की आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी।
जैसवाल जैन परिणय एप की भूमिका
उन्होंने बताया कि जैसवाल जैन परिणय एप समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के संबंध तय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एप के माध्यम से समाजबंधु अपनी पसंद के वर-वधू का चयन आसानी से कर सकते हैं। एप को नई साज-सज्जा एवं सुविधाओं के साथ और अधिक उपयोगी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
देशभर से प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना
एपीपीएस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक मुरैना एवं महेंद्र जैन भैयन ने बताया कि अधिवेशन में बंगाल, सूरत, वड़ोदरा, अजमेर, धौलपुर, राजाखेड़ा, मनियां, कोटा, कस्वाथाना, दिल्ली, गुरुग्राम, इंदौर, भोपाल, देवास, मुरैना, अंबाह, फिरोजाबाद, गोहद, डबरा, लश्कर, ग्वालियर, मुरार, शिवपुरी, करैरा, नरवर, पोहरी, कोलारस, गुना, अशोकनगर, ईसागढ़, खनियाधाना, रन्नौद, झांसी, शमसाबाद सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है।
विवाह योग्य युवक-युवतियों को मंच
उन्होंने बताया कि एपीपीएस का मुख्य उद्देश्य श्री दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के विवाह योग्य सजातीय युवक-युवतियों के अधिकाधिक वैवाहिक संबंध स्थापित कराना है। वर्तमान में अधिकांश परिवार अलग-अलग नगरों में निवास कर रहे हैं, जिसके कारण बच्चों के वैवाहिक संबंध तय करने में परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से संस्था द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
2006 से जारी है प्रयास
समाजसेवियों द्वारा वर्ष 2006 में इस पुनीत कार्य को सहज एवं सरल बनाने का बीड़ा उठाया गया था। तभी से वाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से विवाह योग्य बच्चों के बायोडाटा प्रसारित किए जा रहे हैं। वर्ष 2023 में संस्था का विस्तार करते हुए इसे व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया। वर्तमान में संस्था में 4 परम संरक्षक, 28 संरक्षक एवं 175 क्षेत्रीय संयोजक सहित कुल 207 से अधिक प्रतिनिधि देशभर में कार्यरत हैं।
2000 परिचयों की पुस्तिका प्रकाशित
संस्था द्वारा करीब 2000 विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय वाली बहुरंगी परिचय पुस्तिका का प्रकाशन किया जा चुका है। अविवाहित बच्चों के 3000 से अधिक परिचय वाली पुस्तिका का प्रकाशन शीघ्र होने जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को वाट्सऐप के माध्यम से बच्चों के बायोडाटा प्रसारित किए जाते हैं तथा जैसवाल जैन परिणय एप का संचालन भी किया जा रहा है। इन दोनों माध्यमों से समाजबंधु अपनी पसंद के अनुसार वर-वधू का चयन कर सकते हैं। संस्था के प्रयासों से समाज में निरंतर सगाई एवं वैवाहिक संबंध तय हो रहे हैं, जिसे समाजबंधुओं द्वारा सराहा जा रहा है।





