राजस्थान सरकार ने राज्य में स्थित पशुवध गृह व मांस - मछली की दुकानें बंद रखने के संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत सितम्बर में दो दिन ये दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र व समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में उनसे यह माँंग की थी पढ़िए यह रिपोर्ट...
जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में स्थित पशुवध गृह व मांस - मछली की दुकानें बंद रखने के संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत सितम्बर में दो दिन ये दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र व समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में उनसे यह माँंग की थी जिस पर स्वायत्त शासन विभाग (राज.) जयपुर के निदेशक एवं संयुक्त सचिव सुरेश कुमार ओला ने दिनांक 5 सितम्बर को आदेश जारी किया। जारी आदेशानुसार राज्य के सभी नगर निकायों- संबंधित अधिकारियों को 8 सितंबर को संवत्सरी पर्व और 17 सितंबर अनंत चतुर्दशी पर राज्य में पशुवध गृह और मांस - मछली की दुकानें बंद रखवाने का आदेश दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जैन धर्म के अनुसार भाद्र मास में पर्युषण पर्व को अति पवित्र माना जाता है। इस दौरान जैन धर्मावलंबियों द्वारा विशेष पूजा आराधना, व्रत, उपवास, संयम साधना व धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। तब मूक पशुओं का वध कर उनके मांस का विक्रय करने से जैन समाज की निर्मल भावनाएं आहत होती हैं। पर्युषण जैन सम्प्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण महापर्व है। जियो और जीने दो यह मूल मंत्र है। जैन धर्म में अहिंसा को बहुत ही सूक्ष्म रूप में प्रतिरूपित किया है। श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने सकल जैन समाज की और से संवेदनशील मुख्यमंत्री का इस ऐतिहासिक निर्णय पर आभार व्यक्त किया व अहिंसा प्रेमियों से आह्वान किया कि राज्य में इस आदेश की पालना सुनिश्चित करवाएं।

आदेशों की हो सख्ती से पालना - सरकार

वहीं आदेश जारी करते हुए राजस्थान के यूडीएच विभाग ने कहा है कि सभी नगर निकाय अपने इलाके में निर्देशों की सख्ती से पालना करवाए. इसके अलावा कहा गया है कि अगर कहीं आदेशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ नियम के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी. मालूम हो कि राजस्थान में काफी संख्या में जैन समुदाय के लोग रहते हैं ऐसे में सरकार ने उनके पर्व को देखते हुए आदेश जारी किए हैं।