अंबाह। धर्मनगरी अंबाह में सोमवार को 35 दिवसीय श्री णमोकार महामंत्र आराधना की पूर्णाहुति पर भक्ति और धर्ममय वातावरण में भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई। परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में शोभायात्रा जैन बगीची से प्रारंभ हुई।

बैंड-बाजों और जयकारों के साथ श्रद्धालु नगर के प्रमुख मार्गों एवं बाजारों से निकले। जगह-जगह समाजजनों ने शोभायात्रा का स्वागत कर धर्मलाभ अर्जित किया।

अंजलि-जिनेश जैन परिवार के निवास पहुंचा मंगल कलश

शोभायात्रा के दौरान अभिमंत्रित मंगल कलश को अंजलि-जिनेश जैन परिवार के निवास पर ले जाया गया। परिवार को मंगल कलश अपने निवास पर विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अंजलि जैन अंबाह नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष हैं। समाजजनों ने परिवार की धर्म के प्रति श्रद्धा, समर्पण और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था की सराहना की।

णमोकार महामंत्र की महिमा बताई

प्रवचन में संगममति माताजी ने णमोकार महामंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि यह आत्मकल्याण और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। इसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु परमेष्ठियों को नमस्कार किया जाता है।

उन्होंने कहा कि परमेष्ठियों के गुणों का स्मरण मन में विनय, विवेक, संयम और वैराग्य के भाव जगाता है। मंत्र जाप की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसके साथ जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा, क्षमा एवं अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों को अपनाया जाए।

श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ

माताजी ने मंगल कलश को श्रद्धा, पवित्रता और शुभ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य केवल बाहरी क्रिया नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और कषायों का शमन होना चाहिए।

आयोजन में अंजलि जैन, जिनेश जैन, श्रीमती रीना-अंशुल जैन, नरेश जैन गुरुजी, चीकू जैन, मुन्नालाल जैन, कपिल जैन केपी तथा राजकुमार जैन दरोगा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीफल साथी : अजय जैन, अंबाह