रमपूज्य आचार्य श्री विद्यानन्द जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद से एवं राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रज्ञसागरजी महाराज की मंगल प्रेरणा व मार्गदर्शन में भगवान महावीर के 2550वें निर्वाण महोत्सव पर अतिशय क्षेत्र पावापुरी जी से अहिंसा रथयात्रा का भ्रमण भारतवर्ष में हो रहा है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट...
इंदौर। परमपूज्य आचार्य श्री विद्यानन्द जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद से एवं राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रज्ञसागरजी महाराज की मंगल प्रेरणा व मार्गदर्शन में भगवान महावीर के 2550वें निर्वाण महोत्सव पर अतिशय क्षेत्र पावापुरी जी से अहिंसा रथयात्रा का भ्रमण भारतवर्ष में हो रहा है। यह रथ जैन धर्म के सिद्धांत - संस्कृति व अहिंसा का प्रचार करते हुए भगवान महावीर के संदेश जीव की रक्षा करना धर्म है, अहिंसा परमो धर्म:, जियो और जीने दो, विनय मोक्ष का द्वार है का भी प्रसार जन - जन तक कर रहा है।
भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव समिति एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में " अहिंसा वर्ष" के रूप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। यह रथ देश के 14 राज्यो से भ्रमण करते हुए मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से होता हुआ इंदौर में पदार्पण कर चुका है। इंदौर के जैन धार्मिक प्रवेश स्थल उदय नगर जिनालय पर रथ की भव्य आगवानी हुई।
यह रथ आगामी दिनों में इंदौर के समस्त जिनालयों पर पहुंचेगा। रथ पर अति प्राचीन मनोज्ञ, मनोहारी, चमत्कारी 1008 भगवान महावीर की काले पाषाण की प्रतिष्ठित प्रतिमा जी विराजमान है। जिसका प्रतिदिन प्रातः अभिषेक - पूजन व शाम को आरती की जाती है।



