आगरा। सेक्टर-7, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व के अवसर पर उत्तम संयम धर्म के छठवें दिन सुगंध दशमी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सर्वप्रथम मूलनायक भगवान श्री शांतिनाथ का दो श्रद्धालुओं द्वारा स्वर्ण कलश से अभिषेक किया गया। इसके बाद सामूहिक आरती एवं संगीतमय पूजन संपन्न हुआ।

पूजन की सभी विधि-विधान की क्रियाएं मथुरा से पधारे सिद्धांत जैन शास्त्री ने कराईं।

मन, वचन और काय पर नियंत्रण ही संयम

पंडित सिद्धांत जैन शास्त्री ने कहा कि बड़ी सावधानी से अपनी इंद्रियों को वश में रखना ही संयम है। व्रत एवं समिति का पालन करना, मन-वचन-काय की अशुभ प्रवृत्तियों का त्याग करना और सभी जीवों की रक्षा का निरंतर भाव रखना उत्तम संयम धर्म है।

उन्होंने कहा कि पांच इंद्रियों और मन को नियंत्रण में रखने का सतत भाव इंद्रिय संयम है। उत्तम संयम धर्म के दिन व्यक्ति को स्वयं से विचार करना चाहिए कि उसके भाव, क्रियाएं और जीवन कितना संयमित है। भूख-प्यास में विवेक खो देना, कलह में कटु शब्द कह देना अथवा तन, वचन और भावों से किसी की हिंसा करना असंयम की प्रवृत्तियां हैं।

भक्तामर स्तोत्र रचना और झांकी का आकर्षण

श्री शांतिनाथ युवा मंडल ने मंदिर में भक्तामर स्तोत्र की रचना के साथ आचार्य श्री मांगीतुंग जी की झांकी सजाई। झांकी का अनावरण आज के ईशान इंद्र परिवार आशीष जैन एवं श्रीमती अर्चना जैन ने किया। पालना झुलाने का सौभाग्य संभव जैन एवं श्रीमती दीपाली जैन परिवार को प्राप्त हुआ।

झांकी को देखने के लिए जैन समाज के लोग उत्साहित रहे। इसके पश्चात श्रीजी की आरती उतारी गई। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता हुई, शास्त्र एवं आरती के थाल सजाए गए तथा भगवान को धूप अर्पित की गई।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

शांतिनाथ युवा मंच के आलोक जैन, सिद्धार्थ जैन, मोहित जैन, जितेश जैन, विपुल जैन, प्रशांत जैन, वैभव जैन, आदिश जैन, विपिन जैन, दीपक बैनारा, सिद्धांत जैन, विशाल जैन, चंदन जैन, संजय जैन, अनंत जैन, शुभम जैन, अभिषेक जैन एवं मीडिया प्रभारी राहुल जैन उपस्थित रहे।

मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष अतुल जैन, मंत्री राकेश जैन, कोषाध्यक्ष मगन कुमार जैन, महेशचंद जैन, प्रवीण जैन, राजेश बैनाड़ा, विजय जैन निमोरब, अनिल आदर्श जैन, हेमा जैन, सतीश जैन, मनोज जैन, आशीष जैन एवं सकल जैन समाज उपस्थित रहा।

आज होगा उत्तम तप धर्म का आयोजन

मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 21 सितम्बर 2026 को प्रातः 7:30 बजे उत्तम तप धर्म की पूजा एवं अभिषेक होगा। शाम को आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।