आगरा। सेक्टर-7, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मनाया गया। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दिनभर अभिषेक, पूजन, प्रवचन और आरती के आयोजन हुए।

इंद्रों द्वारा अभिषेक एवं पांडुकशिला पर विराजमान हुए श्रीजी

कार्यक्रम में आठों इंद्रों की बोली लगाई गई। इंद्रों द्वारा दो भगवान की प्रतिमाओं को पांडुकशिला पर विधिवत विराजमान कर प्रथम कलश से अभिषेक किया गया। इसके बाद सम्मानित इंद्रों ने मूलनायक भगवान श्री शांतिनाथ का स्वर्ण कलश से अभिषेक किया।

शेष चयनित इंद्रों ने गीले वस्त्र से अभिषेक किया। पांडुकशिला पर विराजमान श्रीजी का अभिषेक सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया।

संगीतमय पूजन और निर्वाण लाडू अर्पण

अभिषेक के उपरांत सामूहिक आरती एवं संगीतमय पूजन हुआ। नित्य नियम पूजन के मध्य जिनसहस्रनाम स्तोत्र एवं तत्त्वार्थसूत्र का वाचन किया गया तथा अर्घ समर्पित किए गए।

भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक पर पूजन एवं निर्वाण लाडू अर्पण किया गया। श्रद्धालुओं ने संगीतमय निर्वाण कांड की आरती कर भक्तिभाव से लाडू अर्पित किए। दोपहर 12 बजे तक पूजन-अनुष्ठानों का क्रम संपन्न हुआ।

ब्रह्मचर्य को बताया आत्मा में लीन होने की साधना

पंडित सिद्धांत शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि ब्रह्म का आचरण करना और आत्मा में लीन होना ही ब्रह्मचर्य धर्म है। अपनी ज्ञायक स्वभावी आत्मा में प्रवृत्ति करना निश्चय ब्रह्मचर्य है।

उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य का पालन केवल बाहरी संयम तक सीमित नहीं है, बल्कि इंद्रियों के विषयों से बचते हुए दृष्टि, श्रवण, विचार और व्यवहार को निर्मल बनाए रखने की साधना है। आत्महित चाहने वाले व्यक्ति को शील, संयम और ब्रह्मचर्य की रक्षा का निरंतर प्रयास करना चाहिए।

1008 दीपकों से हुई भव्य आरती

संध्याकाल 1008 दीपकों से भव्य आरती की गई। गायक दीपेश जैन ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अतुल जैन, मंत्री राकेश जैन, मगन कुमार जैन, प्रवीण जैन, महेशचंद्र जैन, राजेश बैनाड़ा, विजय जैन निमोरब, अरुण जैन, अनिल आदर्श जैन, सुनील जैन, सतीश जैन, राजेंद्र जैन, संजय जैन, जितेश जैन, विपुल जैन, आलोक जैन, आशीष जैन, मोहित जैन, प्रशांत जैन, वैभव जैन, दीपक जैन, दीपेश जैन, चंदन जैन, आदिश जैन, विशाल जैन, अनंत जैन, विपिन जैन, अभिषेक जैन एवं सकल जैन समाज उपस्थित रहा।

मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 26 सितंबर 2026 को शाम 8:30 बजे से मंदिर में क्षमावाणी पर्व एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा।

एक नजर में

अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा हुई।

आठों इंद्रों द्वारा अभिषेक का आयोजन किया गया।

भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लाडू अर्पित किए गए।

पंडित सिद्धांत शास्त्री ने ब्रह्मचर्य धर्म पर प्रवचन दिया।

1008 दीपकों से भव्य आरती एवं भजन संध्या हुई।

श्रीफल साथी : राहुल जैन, आगरा