आगरा। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर, ओल्ड ईदगाह में मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीलसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 सुप्रभातसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित श्री जिन सहस्रनाम महामंडल विधान का चौथा दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

विधान के दौरान इंद्र-इंद्राणियों ने भक्तिभाव से अष्टद्रव्य एवं 1008 अर्घ्य समर्पित कर भगवान जिनेंद्र की आराधना की। विधान के प्रत्येक चरण में भगवान के सहस्र नामों का स्मरण करते हुए आत्मकल्याण, धर्मभावना एवं विश्व शांति की मंगल कामना की गई।

इंद्र-इंद्राणियों ने किया अर्घ्य समर्पण

विधान में सौधर्म इंद्र शुभम जैन-शिव्या जैन, कुबेर इंद्र नमित जैन-प्रगति जैन, महायज्ञनायक शैंकी जैन-महिमा जैन, यज्ञनायक अतुल जैन-रेनू जैन एवं ईशान इंद्र कमल जैन-रिंकी जैन ने सहभागिता की।

महेंद्र इंद्र कपिल जैन-माया जैन, सनत इंद्र आशीष जैन-राखी जैन तथा ब्रह्म इंद्र तुषार जैन-सीखी जैन ने भी विधान की धार्मिक क्रियाओं में भक्तिभाव से भाग लिया। पंडित विकर्ष जैन शास्त्री के निर्देशन में मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजन क्रियाएं संपन्न हुईं।

जिनालय को बताया भावों की विशुद्धि का निमित्त

मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि संसार में अशुभ निमित्त अनेक हैं, किंतु जिनेंद्र भगवान के जिनालय और समवशरण की रचना जैसे पावन निमित्त दुर्लभ हैं। ऐसे वातावरण में जीव के भावों में विशुद्धता और सजगता का विकास होता है।

उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान की वीतरागी प्रतिमा के दर्शन, अभिषेक एवं पूजन की विधियां भावों को पुष्ट करने का श्रेष्ठ साधन हैं। व्यक्ति को प्रतिदिन इन पावन अवसरों का लाभ लेकर अपने जीवन में धर्मभावना बढ़ानी चाहिए।

भजनों और आरती से गूंजा मंदिर परिसर

इंदौर से पधारी मिनी जैन एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भक्तिरस में लीन नजर आए। सायंकाल भव्य आरती आयोजित हुई।

इस अवसर पर समिति मंत्री अतुल जैन, अमित जैन बॉबी, राजकुमार जैन सोनू मोटर वाले, चंद्रदीप जैन, अमित जैन, विनय जैन, बबली जैन, मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन सोनू तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 19 अक्टूबर को मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ एवं पंडित विकर्ष जैन शास्त्री के सान्निध्य में विधान का समापन होगा। प्रातः 7:30 बजे शांतिधारा एवं हवन के बाद समापन रथयात्रा निकाली जाएगी।

श्रीफल साथी : राहुल जैन, आगरा