आगरा। टीचर्स कॉलोनी, जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन सोमवार को उत्तम संयम धर्म एवं सुगंध दशमी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। आचार्य श्री सौभाग्यसागर महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।

ध्यान-योग से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः ध्यान-योग साधना से हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा कर विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया। अष्टद्रव्य से भगवान की पूजा करते हुए सभी ने उत्तम संयम धर्म को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

संयम आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण मार्ग

आचार्यश्री सौभाग्यसागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि संयम आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण मार्ग है। मनुष्य को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखते हुए मर्यादित जीवन एवं धर्ममय आचरण अपनाना चाहिए।

रंगोली में उभरे भक्ति और कला के रंग

सुगंध दशमी के पावन अवसर पर श्री शांतिनाथ युवा मंडल की ओर से विशेष रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने आकर्षक रंगोलियां बनाकर अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे रंगों से सजी सुंदर रंगोलियों ने मंदिर परिसर की शोभा बढ़ा दी।

धूप अर्पण और मंगल आरती

सुगंध दशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विभिन्न जैन मंदिरों में धूप दशमी चढ़ाकर भगवान की आराधना की। शाम को श्रीजी की मंगल आरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष राकेश जैन, दीपक जैन, सुबोध पाटनी, विनोद रावंका, निधि जैन, सोनल जैन, कृतिका जैन, शिल्पी जैन, प्रिया जैन, करुणा जैन, अलका जैन एवं रुचि जैन सहित मंदिर समिति और शांतिनाथ युवा मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।