आगरा। टीचर्स कॉलोनी, जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व का समापन अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ हुआ। आचार्य श्री 108 सौभाग्यसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की।

महामस्तकाभिषेक एवं वृहद शांतिधारा

प्रातःकाल सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शांतिनाथ का महामस्तकाभिषेक एवं वृहद शांतिधारा की गई। इसके बाद श्रीजी का अभिषेक, उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा, अनंत चतुर्दशी पूजन एवं भगवान वासुपूज्य की विशेष पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

श्रद्धालुओं ने ‘ॐ अर्हम्’ का सामूहिक गुणगान कर मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।

आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का संदेश

आचार्यश्री ने मंगल प्रवचनों में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मसंयम एवं आत्मशुद्धि का संदेश दिया।

धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया। लाडू अर्पण के दौरान मंदिर परिसर जिनेंद्र भक्ति से गूंज उठा।

महिला मंडलों ने की 1008 मंगल आरती

शांतिनाथ महिला मंडल, स्वास्तिक महिला मंडल सहित समस्त महिला मंडलों द्वारा भगवान शांतिनाथ की 1008 मंगल आरती की गई। दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन मंदिर में विशेष उत्साह रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन, पूजन एवं आराधना का धर्मलाभ लिया।

इस अवसर पर राकेश जैन पर्देवाले, दीपक जैन, राजीव प्रकाश जैन, अमित जैन, पंकज जैन, नीरज जैन, मनोज जैन, बॉबी जैन, विनोद रांवका सहित मंदिर समिति पदाधिकारी, शांतिनाथ युवा मंडल, शांतिनाथ महिला मंडल, स्वास्तिक महिला मंडल के सदस्य एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

एक नजर में

आचार्य सौभाग्यसागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजन हुआ।

भगवान शांतिनाथ का महामस्तकाभिषेक एवं वृहद शांतिधारा हुई।

उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं अनंत चतुर्दशी की पूजा संपन्न हुई।

भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।

महिला मंडलों ने भगवान शांतिनाथ की 1008 मंगल आरती की।

श्रीफल संवाद : आगरा