सनावद। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन पर्व एवं ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ जी के मोक्ष कल्याणक महापर्व को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। समाजजनों ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर पर्व का आध्यात्मिक महत्व आत्मसात किया।

पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा

समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि पावन अवसर पर प्रातः सर्वप्रथम श्रीजी का पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद सामूहिक पूजन संपन्न हुआ। भगवान श्रेयांसनाथ जी के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में प्रभु को भक्तिभाव से लड्डू समर्पित किया गया।

भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक

प्रशांत चौधरी ने बताया कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पवित्र दिन भगवान श्रेयांसनाथ जी ने अपने समस्त कर्मों का क्षय कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त की थी। इसी पावन स्मृति में जैन समाज द्वारा मोक्ष कल्याणक महापर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

700 मुनियों की रक्षा की ऐतिहासिक कथा

मीना जटाले ने रक्षाबंधन के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि जैन पौराणिक परंपरा के अनुसार उज्जयिनी के राजा धर्म के चार मंत्री बलि, बृहस्पति, नमुचि और प्रह्लाद जैन धर्म के घोर विरोधी थे। शास्त्रार्थ में पराजित होने के बाद उन्होंने श्रुतसागर मुनिराज पर प्रहार का प्रयास किया, जिसके बाद राजा ने उन्हें देश निकाला दे दिया।

वे हस्तिनापुर के राजा पद्म की शरण में चले गए। कुछ समय बाद मुनि अकंपनाचार्य 700 मुनि शिष्यों के साथ हस्तिनापुर पहुंचे। बदले की भावना से बलि ने राजा से सात दिन के लिए राज्य मांग लिया और मुनियों की साधना स्थल के चारों ओर आग लगवा दी।

धुएं और ताप से मुनियों को अत्यंत कष्ट हुआ, लेकिन उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर अपनी साधना जारी रखी। संकट की जानकारी मिलने पर मुनिराज विष्णुकुमार ने वामन वेश धारण कर बलि से तीन पग भूमि मांगी और योगबल से विराट रूप धारण कर मुनियों की रक्षा की।

धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प

इसी ऐतिहासिक प्रसंग की स्मृति में जैन परंपरा में रक्षाबंधन पर्व मनाए जाने की मान्यता है। इस दिन श्रावक-श्राविकाएं मंदिरों में जाकर धर्म, संस्कृति और श्रमण परंपरा की रक्षा का संकल्प लेते हैं तथा रक्षासूत्र बांधते हैं।

अन्य जिनालयों में भी मोक्ष कल्याणक

इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के साथ पोदनपुरम, नमोकार धाम एवं मोरटक्का में भी भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में लड्डू समर्पित कर धार्मिक आयोजन किए गए।

समाजजनों की सहभागिता

कार्यक्रम में कमल केके, हेमंत काका, अभिजीत जैन, सुनील पावणा, अशोक पंचोलिया, गोरू मुंशी, कमल जटाले, सुनील मास्टर, सुरेश मुंशी, पुष्पा जैन, अंशुमा जैन, संगम जैन, हेमा मुंशी, ऋतु जैन, नीतू चौधरी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।