तिजारा। अतिशय क्षेत्र देहरा-तिजारा स्थित चंद्रतीर्थ मंडपम् में रविवार को आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने श्रद्धालुओं को कर्म सिद्धांत एवं जीवन के प्रति जागरूक करते हुए प्रेरक संबोधन दिया। मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन एवं प्रचार मंत्री उमंग जैन ने बताया कि आचार्य श्री ने कहा कि आज मनुष्य स्वतंत्रता के नाम पर अपनी जिंदगी को अपने अनुसार जीना चाहता है और सोचता है कि उसकी जिंदगी में कोई दखल न दे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्वच्छंदता वर्तमान में भले ही सुखद लगे, लेकिन उसका भविष्य दुःखद हो सकता है। आचार्य श्री ने कर्म सिद्धांत को समझाते हुए कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसी के अनुसार उसे फल प्राप्त होता है। कर्मों के बंधन से बचने का उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कोई नियम अवश्य लेना चाहिए और उसका दृढ़ता से पालन करना चाहिए। इस अवसर पर आचार्य श्री ने प्रेरक संदेश देते हुए कहा-अज्ञानी कर्मों से घबराते हैं और ज्ञानी से कर्म घबराते हैं। बालक-बालिकाओं के लिए शुरू हुआ ‘विमर्श कैम्प’रविवार को आचार्य संघ के सानिध्य में ‘विमर्श कैम्प’ का मंगल शुभारंभ हुआ। 30 अगस्त से 13 सितम्बर तक आर्यिका विमर्शिता श्री माताजी के कुशल निर्देशन एवं सानिध्य में बालक-बालिकाओं को अनुशासन, मर्यादा एवं सद्संस्कारों के साथ रोचक तरीके से धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम में आचार्य श्री का लिया आशीर्वाद

कैम्प का उद्देश्य बच्चों में धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करना है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने धर्मसभा में सहभागिता की। इस अवसर पर दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन ने भी आचार्य श्री के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद ग्रहण किया।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री नरेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष शिंभू जैन, चातुर्मास अध्यक्ष सुरेश जैन (पटेल), प्रचार मंत्री उमंग जैन, नीरज जैन, संजय जैन, विजय जैन, आदिश्वर जैन एवं दीपक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।