झुमरी तिलैया। मुनि श्री सुयश सागर जी और मुनि श्री कौशल्य सागर जी के मंगल आशीर्वाद से नगर में नव वेदी शिलान्यास के दूसरे दिन विश्व शांति मंत्र शांतिधारा आदि कई कार्यक्रम प्रारंभ हुए। शनिवार को प्रातः नगर के बड़ा जैन मंदिर के मूल वेदी में विराजमान 1008 श्री पारसनाथ भगवान का भव्य अभिषेक और महा शांतिधारा वेदी शिलान्यास के मुख्य पुण्यार्जक भक्तों ने किया। अभिषेक पूजन का अर्घ्य चढ़ाकर मंदिर से 1008 पारसनाथ की अष्ठधातु की प्रतिमा को मस्तक पर रख कर मंगल विहार करते हुए कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। जहां पांडुक शिला में विराजमान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मंदिर निर्माण के सह संयोजक सुशील सुमित जैन छाबड़ा परिवार और ललित-आशीष जैन सेठी टेलेंट ग्रुप ने प्रथम अभिषेक और महा शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। शांतिधारा के महामंत्र गुरु मुख से किए गए। सभी भक्तों ने हाथ जोड़कर अनोमोदना की। इसके बाद याग मंडल विधान का आयोजन किया गया।

9 परिवारों ने भाग लेकर किया पुर्ण्याजन

इसमें 9 परिवारों ने भाग लेकर पुर्ण्याजन किया। 1008 श्री पारसनाथ भगवान के वेदी के पुण्यार्जक विनोद-किरण जैन काला कोलकोता, 1008 श्री आदिनाथ भगवान के वेदी के पुण्यार्जक अनिल शोभा जैन कासलीवाल, 1008 श्री नेमिनाथ भगवान के पुण्यार्जक प्रदीप प्रेम जैन पांड्या, सहस्त्रफनी 1008 श्री पारसनाथ भगवान के वेदी के पुण्यार्जक अशोक, अभिषेक जैन पापड़ीवाल चैन्नई, 1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के वेदी के पुण्यार्जक जयकुमार त्रिशला जैन गंगवाल, 1008 श्री शांतिनाथ भगवान के वेदी पुण्यार्जक सुरेश प्रेम जैन पांड्या, त्रिकाल चौबीसी वेदी के पुण्यार्जक सुशील शशि जैन छाबड़ा, नंदीश्वर द्वीप वेदी के पुण्यार्जक मंजू, शैलेश सौरभ जैन लुहाड़िया, पंचमेरु वेदी के पुण्यार्जक मुन्ना रीता जैन बाकलीवाल ने विधान मंडप पर अष्ट मंगल स्थापित किए।

विधान में 111 अर्घ्य और श्रीफल अर्पित किए

विधान पूजन स्थानीय पंडित अभिषेक शास्त्री, मुक्तागिरी से आए संजू भैया ने प्रारंभ किया। इसमें पुण्यार्जक परिवार के साथ समाज के लोगों ने विधान में 111 अर्घ्य और श्रीफल अर्पित किए। सभी पुण्यार्जक परिवार को हल्दी और मेहंदी समाज और नव निर्माण कमेटी ने लगाई। सुबोध आशा जैन गंगवाल ने भजनों की प्रस्तुति दी। इसमें सभी भक्त और महिला मंडल भक्ति में डूब गए।

णमोकार चालीसा, गुरुदेव की भव्य आरती हुई

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से विरागोदय वर्षायोग समिति के संयोजक ओर सदस्यों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर आनंद लिया। 9 परिवार अपने पूरे रिश्तेदारों के साथ नृत्य करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इस कार्यक्रम में चांद लगाए। संध्या में णमोकार चालीसा, गुरुदेव की भव्य आरती के साथ दिल्ली से आए सौरभ जैन का मोनो नाटक में भरत बाहुबली के दीक्षा का कार्यक्रम दिखाया गया। यह जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने दी।