<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>द्रौपदी मुर्मू &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8C%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 25 Jun 2025 11:48:23 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>द्रौपदी मुर्मू &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जैन पदयात्रा को लेकर राष्ट्रपति को पत्र : गिरनार की पांचवीं टोंक पर सुरक्षा की मांग </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/demand_for_security_at_the_fifth_tonk_of_girnar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/demand_for_security_at_the_fifth_tonk_of_girnar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 11:48:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[droupadi murmu]]></category>
		<category><![CDATA[Girnar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Gujarat]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Pilgrimage]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Junagadh]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Neminath]]></category>
		<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Nirvana Day श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[President]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[गिरनार जी]]></category>
		<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जूनागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पदयात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[द्रौपदी मुर्मू]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान नेमिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83706</guid>

					<description><![CDATA[गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित जैन तीर्थ स्थल पर होने वाली धार्मिक पदयात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में 2 जुलाई 2025 को भगवान नेमिनाथ के निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जैन पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और न्यायालय के निर्देशों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित जैन तीर्थ स्थल पर होने वाली धार्मिक पदयात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में 2 जुलाई 2025 को भगवान नेमिनाथ के निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जैन पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और न्यायालय के निर्देशों के पालन की मांग की गई है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नई दिल्ली/जूनागढ़।</strong> गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित जैन तीर्थ स्थल पर होने वाली धार्मिक पदयात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में 2 जुलाई 2025 को भगवान नेमिनाथ के निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जैन पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और न्यायालय के निर्देशों के पालन की मांग की गई है।</p>
<p>पत्र में बताया गया है कि गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश (स्पेशल सिविल एप्लीकेशन संख्या 6426/2004) दिनांक 17 फरवरी 2005 के अनुसार, गिरनार पहाड़ की पांचवीं टोंक तक जैन यात्रियों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करने की अनुमति है। इस आदेश के पालन हेतु जूनागढ़ के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी सूचित किया गया था।</p>
<p>विश्व जैन संगठन ने निवेदन किया है कि 2 जुलाई को महिलाएं, बच्चे समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूसरी, तीसरी, चौथी और विशेष रूप से पांचवीं टोंक तक पहुंचेंगे। संगठन ने आशंका जताई है कि पूर्व में इस क्षेत्र में यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार और हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।</p>
<div class="wp-block-pdfemb-pdf-embedder-viewer"><a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/courtorder-2005.pdf" class="pdfemb-viewer" style="" data-width="max" data-height="max" data-toolbar="bottom" data-toolbar-fixed="on">courtorder 2005</a></div>
<p>पत्र में एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 24 मई 2025 को महाराष्ट्र के वासिम निवासी जैन श्रद्धालु आशीष प्रभाकर डहाले पर पांचवीं टोंक पर लाठी से हमला किया गया। यह घटना न्यायालय के स्पष्ट आदेशों और अल्पसंख्यक अधिकारों का उल्लंघन मानी जा रही है।</p>
<p>संगठन ने मांग की है कि पूरे यात्रा मार्ग, विशेषकर पांचवीं टोंक के भीतर और बाहर समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा या हिंसा से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में ठोस कार्रवाई की जानकारी भी प्रदान करने का आग्रह किया गया है।</p>
<p>गौरतलब है कि गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक दिगंबर जैन समुदाय के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां भगवान नेमिनाथ के प्राचीन चरणचिह्न और मूर्ति स्थित हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/demand_for_security_at_the_fifth_tonk_of_girnar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अहिंसा की प्रबल समर्थक हैं नई राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू &#8211; अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/ahinsa-kee-prabal-samarthak-hain-naee-raashtrapati-draupadee-moormoo-antarmukhee-muni-poojy-saagar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Jul 2022 05:00:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shrrephal news]]></category>
		<category><![CDATA[अहिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[द्रौपदी मुर्मू]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=25570</guid>

					<description><![CDATA[प्रतापगढ़/बांसवाड़ा । प्रख्यात जैन संत अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने कहा है कि भारत की अगली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पू्र्ण शाकाहारी रहकर भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्दान्त का पालन किया है। वह सच्चे अर्थों में अहिंसा की अनुयायी हैं। उनका अपने खाने में प्याज और लहसुन तक का भी इस्तेमाल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रतापगढ़/बांसवाड़ा ।</strong> प्रख्यात जैन संत अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने कहा है कि भारत की अगली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पू्र्ण शाकाहारी रहकर भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्दान्त का पालन किया है। वह सच्चे अर्थों में अहिंसा की अनुयायी हैं। उनका अपने खाने में प्याज और लहसुन तक का भी इस्तेमाल नहीं करना यह प्रदर्शित करता है कि उन्होंने राजनीति में रहते हुए भी सात्विक तरीके के जीवन जिया है। उनका यह आचरण बताता है कि वे सच्चे अर्थों में भगवान महावीर के बताए मार्ग का अनुसरण करने वाली हैं।<br />
मुनिश्री ने कहा कि यदि सभी देशों के लोग भगवान महावीर के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए जीवों पर दया की भावना रखें तो कभी युद्ध की नौबत ही नहीं आए।<br />
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने कहा है कि आजादी के 75 साल बाद भारत को पहली आदिवासी राष्ट्रपति मिली हैं। आशा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू आदिवासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक कदम उठाएंगी। साथ ही कमजोर और निचले तबको की महिलाओं के सशक्तिकरण की राह भी आसान करेंगी।<br />
मुनिश्री ने मुर्मू के सम्बंध में एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अक्टूबर 2016 में जब मूर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं तब जैन समाज के कुछ लोग उन्हें शाकाहार प्रदर्शनी का उद्घाटन का आमंत्रण देने गए। जब द्रौपदी मुर्मू से उन लोगों ने पूछा कि शाकाहार के संदर्भ में आपके क्या विचार है, तो उन्होंने कहा था कि मैं कट्टर शाकाहारी हूं। मेरे राज्यपाल बनने के बाद यहां के राजभवन में मांसाहार नहीं बनाया गया। राजभवन परिसर में रहने वाले सभी अधिकारियों व कर्मियों के आवासों में भी मांस-मछली का बनना प्रतिबंधित था।<br />
बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 25 जुलाई को होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>द्रौपदी मुर्मू निर्वाचित होने पर जैन समाज में हर्ष</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/draupadee-murmoo-nirvaachit-hone-par-jain-samaaj-mein-harsh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Jul 2022 15:38:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[draupadi murmu]]></category>
		<category><![CDATA[द्रौपदी मुर्मू]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=25549</guid>

					<description><![CDATA[न्यूज सौजन्य- राजकुमार अजमेरा झुमरी तिलैया (कोडरमा)। झारखंड की पूर्व राज्यपाल माननीय द्रौपदी मुर्मू जी के राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने पर जैन समाज ने हर्ष व्यक्त किया और बधाई दी है। निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन, जैन समाज के अध्यक्ष प्रदीप जैन पांड्या, मंत्री ललित जैन सेठी, जैन विद्यालय के डायरेक्टर किशोर जैन पांड्या दिल्ली, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000">न्यूज सौजन्य- राजकुमार अजमेरा</span></p>
<p><strong>झुमरी तिलैया (कोडरमा)।</strong> झारखंड की पूर्व राज्यपाल माननीय द्रौपदी मुर्मू जी के राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने पर जैन समाज ने हर्ष व्यक्त किया और बधाई दी है। निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन, जैन समाज के अध्यक्ष प्रदीप जैन पांड्या, मंत्री ललित जैन सेठी, जैन विद्यालय के डायरेक्टर किशोर जैन पांड्या दिल्ली, संयोजक सुनील छाबड़ा ने शुभकामनाएं व्यक्त की। निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने कहा कि माननीय द्रौपदी मुर्मू जी कोरोना काल में  बच्चों की शिक्षा के प्रति बहुत गंभीर थीं। कोरोना काल में जैन विद्यालय, झुमरी तिलैया मे पढ़ने वाले सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क ऑनलाइन पढ़ाई का उन्होंने उद्घाटन भी किया था, तब मुझे उनसे लाइव बात करने का मौका मिला था।</p>
<p>उन्होंने कहा था कि जीना उसी का जीना है जो औरों के काम आ सके। जैन विद्यालय के डायरेक्टर किशोर जैन पांड्या के प्रयास से यह कार्य हुआ था। पांड्या जी ने बताया कि माननीय द्रौपदी मुर्मू जी ने झारखंड के राज्यपाल पद पर रहते हुए अपने पद का संवैधानिक रूप में अच्छी तरह से निर्वहन किया है। उनके राष्ट्रपति बनने पर देश का नाम विश्वस्तर पर आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को नमन करता हूं। उनकी सोच को नमन करता हूं जिन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया। उनको बधाई देने वाले में जैन समाज के उप मंत्री नरेंद्र झाझंरी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, उपाध्यक्ष कमल जैन सेठी, सह मंत्री राज छाबड़ा, सुशील छाबड़ा, सुरेश झांझरी, प्रदीप जैन छाबड़ा, मनीष सेठी, जय कुमार गंगवाल,विनोद अजमेरा आदि थे। जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन राजकुमार अजमेरा ने यह जानकारी दी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
