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	<title>Yashodaya Tirtha &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>महिलाओं को निभानी चाहिए धर्म एवं समाजिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागेदारी : रश्मि मलैया बनीं श्रीसुधासागर यशोदय महिला मंडल की अध्यक्ष  </title>
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		<pubDate>Fri, 02 Jun 2023 13:21:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री यशोदय तीर्थ कमेटी के तत्वावधान में श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से रश्मि मलैया को अध्यक्ष,ममता सराफ को कार्यकारी अध्यक्ष,सपना सिंघई को महामंत्री,मीनल जैन गुढ़ा को मंत्री एवं लवली शास्त्री को कोषाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुना गया। पढ़िए राजीव सिंघई की यह विशेष रिपोर्ट&#8230; महरौनी(ललितपुर)। नगर में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री यशोदय तीर्थ कमेटी के तत्वावधान में श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से रश्मि मलैया को अध्यक्ष,ममता सराफ को कार्यकारी अध्यक्ष,सपना सिंघई को महामंत्री,मीनल जैन गुढ़ा को मंत्री एवं लवली शास्त्री को कोषाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुना गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी(ललितपुर)।</strong> नगर में जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के दिशा-निर्देश में श्री यशोदय तीर्थ का निर्माण चल रहा है और मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव भी आयोजित किया गया। अब यह तीर्थ अपनी भव्यता को प्राप्त करने के लिए अग्रसर है। श्री यशोदय तीर्थ कमेटी के तत्वावधान में श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से रश्मि मलैया को अध्यक्ष, ममता सराफ को कार्यकारी अध्यक्ष, सपना सिंघई को महामंत्री, मीनल जैन गुढ़ा को मंत्री एवं लवली शास्त्री को कोषाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुना गया। नवनिर्वाचित कमेटी एवं श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति की सभी सदस्यों ने अतिशय तीर्थ क्षेत्र करगुंवा जी झांसी में जाकर जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>बच्चों को दें धार्मिक संस्कार</strong></p>
<p>इस मौके पर मुनिश्री ने सभी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि महिलाओं को धर्म एवं समाजिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागेदारी निभानी चाहिए। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा एवं संस्कारों की शिक्षा भी देनी चाहिए ताकि वे भविष्य में गलत राह पर न चल सकें। महिलाओ को सामाजिक कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस मौके पर श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति की सभी सदस्य गण उपस्थित रहे। नवनिर्वाचित कमेटी को दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी, श्री यशोदय तीर्थ कमेटी, श्री सर्वतोभद्र जैन सौशल ग्रुप, अखिल भारतीय महिला समिति, श्रीसुधासिंधु महिला मंडल, वीरबाला बालिका मंडल एवं श्री विद्यासागर पाठशाला समिति ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।</p>
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		<title>मुनिश्री सुधासागर विहार के बाद नगर में सूनापन : मुनि श्री ने आशीर्वाद से हो रहा है भव्य मंदिर का निर्माण </title>
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		<pubDate>Tue, 11 Apr 2023 15:01:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर (मप्र) में 22 अप्रैल से श्री पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होना है, जिस कारण मुनिपुंगवश्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने पदविहार महरौनी से पृथ्वीपुर की ओर किया। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास को दी है नई दिशा। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट.. महरौनी ( ललितपुर)। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर (मप्र) में 22 अप्रैल से श्री पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होना है, जिस कारण मुनिपुंगवश्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने पदविहार महरौनी से पृथ्वीपुर की ओर किया। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास को दी है नई दिशा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी ( ललितपुर)।</strong> नगर में स्थित 47 एकड़ पर विस्तारित क्षेत्रपाल जी की जमीन पर पहले भक्तों का आवागमन कम रहता था। आषाढ़ी पूजा का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता था, जिसमें वर्ष में आषाढ़ में शोभायात्रा के रूप में जैन श्रद्धालु जाकर पूजन-अभिषेक करते थे। इस क्षेत्र पर बहुत वर्ष पहले मुनिश्री सुधासागर महाराज का आगमन हुआ और उन्होंने इस मंदिर के मुख्य द्वार की दिशा बदलने का कहा। इसे समाज अमल में लाया और मंदिर का द्वार महाराज जी के दिशा-निर्देश अनुसार बदल दिया। फिर क्षेत्र ने विकास की सीढी चढ़ना शुरू कर दिया।</p>
<p><strong>भव्य निर्माण की रखी नींव</strong></p>
<p>वर्ष 2013 में मुनिपुंगव सुधासागर महाराज का नगर आगमन हुआ और 5 फरवरी 2013 को भगवान पार्श्वनाथ भगवान सहित भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ एवं भगवान पदमप्रभु, भगवान महावीर, भगवान मुनिसुब्रतनाथ की प्रतिमाएं पंचकल्याणक महोत्सव कर विराजमान की गईं। महाराज श्री के दिशा-निर्देश में इस तीर्थ को भव्य स्वरूप देने की रूपरेखा तैयार की गयी, जिसमें पाषाण का भव्य मंदिर, जिसमें 21 फीट की भगवान आदिनाथ की प्रतिमा और पाषाण की सबसे बड़ी चौबीसी मंदिर है, के निर्माण की नींव रखी गयी।</p>
<p><strong>हुआ था भव्य पंचकल्याणक</strong></p>
<p>मुनिश्री सुधासागर महाराज का पुनः मंगल आगमन यशोदय तीर्थ पर 18 मार्च, 2023 को हुआ और मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के मंगल सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का आयोजन बड़ी भव्यता के साथ किया गया और मुनि श्री के सानिध्य में भव्य पाषाण मंदिर एवं चौबीसी मंदिर,पिच्छिका मंदिर,नाद्यावर्त, नंदीश्वर जिनालय, धर्मशाला, संतशाला आहार शाला, व्यायाम शाला, औषिधालय का शिलान्यास हुआ।</p>
<p><strong>नाम दिया यशोदय तीर्थ</strong></p>
<p>तीर्थ क्षेत्र को मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने यशोदय तीर्थ नाम दिया और कहा कि यह तीर्थ भारत के मुख्य तीर्थों में जाना जायेगा। तीर्थ स्थल पर एक भव्य सिंहद्वार का निर्माण भी होना है, जिसका पुण्यार्जन यशोदय तीर्थ के महामहिम एवं गौरव अध्यक्ष प्रशांत सिंघई बंटी एवं प्रीति सिंघई को प्राप्त हुआ। क्षेत्र के अध्यक्ष राजा चौधरी ने बताया कि यह तीर्थ क्षेत्र 5 से 7 वर्ष में तैयार होकर अपनी भव्यता को प्राप्त करेगा। इसी दौरान मुनिश्री के मंगल सानिध्य में अजितनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर का भी शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्य मंदिर के पुण्यार्जक सहित 14 वेदी के पुण्यार्जक द्वारा मंदिर का शिलान्यास किया गया। बड़ा मंदिर भी अब पाषाण का भव्य बनेगा।</p>
<p><strong>नम आंखों से दी विदाई</strong></p>
<p>मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर (मप्र) में 22 अप्रैल से श्री पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होना है, जिस कारण मुनिपुंगवश्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने पदविहार महरौनी से पृथ्वीपुर की ओर किया। मुनिश्री के पदविहार से नगर में सूनापन से हो गया और भक्तजनों ने नम आंखों से मंगल विदाई दी। मुनिश्री की मंगल विहार में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। आनंदपुर धाम के महात्मा जी ने महाराज श्री के साथ टोल प्लाजा तक पद विहार किया और मुनिश्री को श्रीफल अर्पित कर जगतकल्याण के आशीर्वाद की भावना व्यक्त की।</p>
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		<title>निकलेगी गजरथ, स्वर्ण रथ, रजत रथ परिक्रमा : जो मिला उसको अपना अहोभाग्य मानो &#8211; मुनि सुधासागर </title>
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		<pubDate>Fri, 07 Apr 2023 13:17:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ यशोदय पर धर्मप्रभावना में श्रावकजन भक्तिरस में डूबे नजर आ रहे हैं। प्रातःकाल बेला में मंगलाष्टक, शांति मंत्र, नित्यमह अभिषेक, शांतिधारा हुई। इस अवसर पर मुनि सुधासागर ने धर्मसभा को संबोधित किया। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230; महरौनी (ललितपुर)। जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ यशोदय पर धर्मप्रभावना में श्रावकजन भक्तिरस में डूबे नजर आ रहे हैं। प्रातःकाल बेला में मंगलाष्टक, शांति मंत्र, नित्यमह अभिषेक, शांतिधारा हुई। इस अवसर पर मुनि सुधासागर ने धर्मसभा को संबोधित किया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी (ललितपुर)।</strong> जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ यशोदय पर धर्मप्रभावना में श्रावकजन भक्तिरस में डूबे नजर आ रहे हैं। प्रातःकाल बेला में मंगलाष्टक, शांति मंत्र, नित्यमह अभिषेक, शांतिधारा हुई। शांतिधारा करने का सौभाग्य संजीव राजीव सराफ, पवन मैगुंवा, ऋषभ भायजी और सुभाष साढूमल को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>भक्ति भाव से करें पुण्य का संचय</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि दान पुण्य का वह बीज है, जो धर्म क्षेत्र में बोने पर जन्म-जन्मांतर तक इसका फल देता है। यह ऐसा शेयर है जिसका रिटर्न हमेशा मिलता रहता है। अपने को जो प्रकृति द्वारा जो प्राप्त हुआ, उसको अपना अहोभाग्य मानो। उसका आभार करो कि आज मुझे कर्मों की वजह से सर्वश्रेष्ठ उच्च वंश में जन्म मिला। ये अहोभाग्य मानो। हमारी संसार में ऐसी स्थिति है कि जब भी हमारे अशुभ कर्म का उदय होता है तो हम हमेशा अपने माता-पिता को, अपने भगवान को, अपने परिवारजनों को कोसते रहते हैं और कहते हैं कि भगवान ये क्या कर दिया।</p>
<p>परंतु हमको जो भी प्राप्त है, उसके लिए अहोभाग्य मान हमेशा आभार मानना चाहिए। आज हम इस समवशरण में विधान कर रहे हैं। जिनेन्द्र भगवान की भक्ति कर रहे हैं तो इसमें प्रमाद न कर इसको बड़ी भक्ति भाव से पुण्य का संचय करें। अगर हम विधान नहीं कर पा रहे तो जो कर रहे हैं, उनकी अनुमोदना कर पुण्य संचय करें, उनकी बुराई कर दुर्गति का कर्म बंधन न करें।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-41869" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012.jpg" alt="" width="1280" height="576" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230407-WA0012-990x446.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>इनको मिला सौभाग्य</strong></p>
<p>सभी धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के दिशा-निर्देश में संपन्न हुईं। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य प्रशांत जैन भोपाल एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर को आहार देने का सौभाग्य खेमचंद बाजा को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>होगा शिलान्यास</strong></p>
<p>यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने बताया कि 8 अप्रैल को सुबह भव्य पाषाण मंदिर एवं चौबीस जिनालयों के शिलान्यास के साथ- साथ संतशाला, आहार शाला, यशोदय सुधासागर व्यायाम शाला, श्री सुधासागर औषधालय का शिलान्यास मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में होगा। दोपहर में गजरथ महोत्सव में गज रथ, स्वर्ण रथ एवं रजत रथ की परिक्रमा होगी।</p>
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