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	<title>Wool &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पावागिरी ऊन में पंच कल्याणक महोत्सव में जन्म कल्याणक मनाया: आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि नवीनता ही आनंद है </title>
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		<pubDate>Wed, 09 Apr 2025 13:11:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पावागिरी जी में चल रहे विश्व शांति एवं पंच कल्याणक महोत्सव पर बुधवार को भगवान तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ। जिसको देख कर उपस्थित जन समुदाय और ंतीर्थंकर बालक के माता पिता, सौधर्म इंद्र, शची इंद्राणी, कुबेर और सभी इंद्र इंद्राणी ने अपार उत्साह और उल्लास पूर्वक खुशी नाच गाकर की। गुरुवार को दीक्षाएं होंगी। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पावागिरी जी में चल रहे विश्व शांति एवं पंच कल्याणक महोत्सव पर बुधवार को भगवान तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ। जिसको देख कर उपस्थित जन समुदाय और ंतीर्थंकर बालक के माता पिता, सौधर्म इंद्र, शची इंद्राणी, कुबेर और सभी इंद्र इंद्राणी ने अपार उत्साह और उल्लास पूर्वक खुशी नाच गाकर की। गुरुवार को दीक्षाएं होंगी। <span style="color: #ff0000">ऊन खरगोन से दीपक प्रधान की यह खबर पढ़िए&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>ऊन (खरगोन)। दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरी जी में चल रहे विश्व शांति एवं पंच कल्याणक महोत्सव पर बुधवार को भगवान तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ। जिसको देख कर उपस्थित जन समुदाय और तीर्थंकर बालक के माता पिता, सौधर्म इंद्र, शची इंद्राणी, कुबेर और सभी इंद्र इंद्राणी ने अपार उत्साह और उल्लास पूर्वक खुशी नाच गाकर की। कुबेर ने रत्नों की वृष्टि की। प्रातः आचार्य संघ तलहटी मंदिर के दर्शन कर बैंडबाजों के साथ मंचासीन हुए। आर्यिका विशिष्टमति जी माताजी ने धर्मसभा को संबोधित किया और आचार्य श्री विराग सागर जी को याद करते हुए भाव विह्वल हो गईं। होने वाले आचार्य के पट्टशिष्य आचार्य श्री से निवेदन किया कि हमें और हमारे पूरे संघ को अब आप ही संभालना। आप ही सिखाना। अब आप ही हमारे गुरु, हमारे पिता ,हमारी माता आप ही हैं। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि मुनि राज क्यों मुस्कुराते हैं ? आचार्य श्री ने बताया के मुनि इस लिए मुस्कुराते है कि वो रोज नवीनता लिए होते हैं। रोज नया प्राप्त करते है मुनिराज को रोज नया घर, नया मोहल्ला, नया नगर, नया श्रावक मिलता है जो कि आहार, निहार, विहार करवाता है। अतः नवीनता ही आनंद है। पुराना उनको देखना अच्छा नहीं लगता जो नवीन को देखना ही नहीं चाहते। नया तो नया ही है।</p>
<p><strong>सब्जी, दाल नहीं तो पानी से ही रोटी खा लेना</strong></p>
<p>मुनि श्री ने आगे कहा कि आपको अपने जीवन में भोजन में भी रोटी अवश्य खाना ही चाहिए और साधु को तो कम से कम छः रोटी खाना चाहिए। सब्जी, दाल नहीं तो पानी से ही रोटी खा लेना। यदि आप फलों और रसों पर रहोगे तो गोली खाना ही पड़ेगी। आपको बल भोजन से ही मिलेगा और रोटी का अभिप्राय समझिए भोजन सिर्फ बल देता है और आप आत्मा के आश्रित वीर हो ,और यदि वीर नहीं हो तो बल कुछ नहीं कर सकता ,जिन शासन के श्रावक को अपने जिन शासन के मौसम का त्याग नहीं करना चाहिए ।आप में यदि उत्साह शक्ति नहीं है तो हम भगवान केसे बन सकते है ,आगे बताया कि इस पंच कल्याणक कार्यक्रम को प्रतिष्ठाचार्य सम्पन्न कराता है और कब किस वस्तु की आवश्यकता है वो प्रतिष्ठाचार्य ही व्यवस्था करवाता है अतः प्रतिष्ठाचार्य को समीकदृष्टि होना चाहिए इस कार्यक्रम में नमक की डली से लेकर सांप की बामी की मिट्टी अन्य मिट्टी वनस्पति, औषधि आदि लगती है। याने किसी भी चीज का अभिप्राय आने से वस्तु बदल जाती है जैसे खेत की मिट्टी को देख कर कुंभकार, किसान,वैद्य,हाकिम, व्यापारी की दृष्टि बदल जाती है।</p>
<p><strong>विधायक ने श्रीफल किया भेंट </strong></p>
<p>ट्रस्ट के प्रचार मंत्री आशीष जैन एवं मनीष दोषी ने बताया कि आज आचार्य के दर्शनार्थ पंधाना विधायक छाया मोरे और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तोताराम महाजन ने श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। ट्रस्ट कमेटी ने अतिथियों का सम्मान किया। आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन अर्पित अशोक कासलीवाल ने किया जबकि जन्मभिषेक का प्रथम अभिषेक हेमचंद झंझरी इंदौर ने किया। पश्चात सौधर्म इंद्र शची इंद्राणी अशोक चंदा झांझरी और अन्य इंद्र कुबेर और श्रावक श्राविकाओं ने तीर्थंकर बालक के जन्म कल्याणक पर विशाल शोभा यात्रा निकाली जो कि पांडुक शीला पर तीर्थंकर बालक के जन्माभिषेक किए और खूब आनंद भक्ति उल्लास के साथ नृत्य कर के चल रहे थे। मुनि संघ की आहार चर्या के बाद दोपहर को बाल क्रीड़ा, दीक्षार्थी की मेंहदी, गोद भराई हुई, तीर्थंकर बालक को पालने में झुलाने का कार्यक्रम आरती हुई।</p>
<p><strong>दो दीक्षाएं संपन्न होगी</strong></p>
<p>गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति माताजी एवं आचार्य श्री के सानिध्य में जयश्री दीदी छतरपुर एवं क्षुल्लिका विपथ श्री माताजी की दीक्षा संस्कार विधि दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगी। सुबह केशलोच क्रिया होगी। गुरुवार को दीक्षा कल्याण के अंतर्गत सुबह अन्नप्राशन विधि, तीर्थंकर बाल क्रीड़ा, दोपहर में विवाह ,राज दरबार 32 मुकुटबद्ध राजाओं द्वारा भेंट, राज्याभिषेक, नीलांजना का नृत्य वैराग्य एवं दीक्षा कल्याणक की समस्त क्रियाएं होंगी।</p>
<p><strong>दीक्षार्थीयो का परिचय</strong></p>
<p>1- पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत पावागिरी ऊन के इतिहास में पहली बार महावीर जयंती के दिन हो रही भव्य जैनेश्वरी दीक्षा ले रही दीक्षार्थी जयश्री दीदी का अदभुत संयोग है कि उनका जन्म 60 वर्ष पूर्व महावीर जयंती के दिन हुआ था और महावीर स्वामी के दरबार में महावीर जयंती के दिन ही जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा होने जा रही है। संपन्न परिवार से संबंध रखने वाली दीदी का भरा पूरा परिवार है। तीन बच्चों की मां होने के बाद अपने गृहस्थ परिवार का पालन करने के बाद संसार की असारता को देखते हुए 2014 में आचार्य विराग सागर जी से व्रत प्रतिमा के नियम ले लिए। तब ही से निरंतर वैराग्य पथ पर अग्रसर होती जा रही हैं। विशेष बात यह है कि जयश्री दीदी तीन बार भाजपा की जिला महामंत्री पद पर रह चुकी हैं। साथ ही नगर पालिका छतरपुर की पार्षद रहने के साथ ही खजुराहो जैन समाज की मंत्री भी रह चुकी हैं। इतने सब पदों पर रहकर भी भरा पूरा परिवार छोड़कर दीक्षा की राह अपना रही हैं।</p>
<p>2- दूसरी दीक्षार्थी क्षुल्लिका विपथ श्री माताजी का गृहस्थ नाम पुष्पा जैन था। यह बृजपुर जिला पन्ना की रहने वाली हैं। मात्र 5 वीं तक शिक्षा प्राप्त क्षुल्लिका के पति भी संघ में क्षुल्लक विश्वतीर्ण सागरजी के नाम से साधनारत हैं।सात भाई बहन एवं दो पुत्रों को छोड़कर 2013 में विराग सागर जी से वीरागोदय क्षेत्र में क्षुल्लिका दीक्षा 13 फरवरी को हुई थी, ऐसी दीक्षार्थी को क्षुल्लिका से आर्यिका दीक्षा प्रदान की जाएगी।</p>
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		<title>पावागिरी सिद्ध क्षेत्र में सोमवार से पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ होगा : आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की होगी मंगल अगवानी </title>
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		<pubDate>Sun, 06 Apr 2025 18:19:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पावागिरी सिद्ध क्षेत्र में सोमवार से पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की सुबह 7.30 बजे होने वाली मंगल अगवानी में श्रद्धालु साक्षी बनेंगे। विविध कार्यक्रम और विधान होंगे। मुनि श्री विश्वनायक सागर जी महाराज का केशलोच रविवार सुबह हुआ। ऊन से पढ़िए दीपक प्रधान की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पावागिरी सिद्ध क्षेत्र में सोमवार से पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की सुबह 7.30 बजे होने वाली मंगल अगवानी में श्रद्धालु साक्षी बनेंगे। विविध कार्यक्रम और विधान होंगे। मुनि श्री विश्वनायक सागर जी महाराज का केशलोच रविवार सुबह हुआ। <span style="color: #ff0000">ऊन से पढ़िए दीपक प्रधान की खबर..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऊन (खरगोन)</strong>। पावागिरी सिद्ध क्षेत्र में सोमवार से पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की सुबह 7.30 बजे होने वाली मंगल अगवानी में निमाड़-मालवा के अलावा बड़ी संख्या में देश भर के श्रद्धालु साक्षी बनेंगे। मंगल अगवानी में पंजाब एवं बड़वाह के बैंड भजनों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही घटयात्रा में महिलाएं कलश में जल लेकर चलेंगी। इसी घटयात्रा के जल से वेदी शुद्धि, मंदिर शुद्धि, शिखर शुद्धि होगी। प्रचार मंत्री आशीष जैन लोनारा, अतुल कासलीवाल ने बताया कि ध्वजारोहण भरत रितु जैन ( जीरभार वाले) इंदौर करेंगे। जबकि मंडप उदघाटन क्षेत्र के अध्यक्ष हेमचंद मीना झंझरी इंदौर करेंगे। प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद जी शास्त्री अष्टापद नई दिल्ली के निर्देशन में महोत्सव पंडाल में भगवान विराजमान, मंगल कलश स्थापना होगी। दोपहर में सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा मंडप प्रतिष्ठा विधान एवं आचार्य श्री के प्रवचन होंगे। शाम को आरती शास्त्र प्रवचन के बाद निमाड़ महिला मंडल की सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की जाएगी।</p>
<p><strong>मुनि श्री के केशलोच हुआ</strong></p>
<p>जैन संत 24 घंटे में एक बार आहार पानी तो लेते ही हैं साथ ही सबसे कठिन क्रिया उनके केशलोच की होती है। वे अपने हाथों से दाढ़ी एवं सिर के बालों को निकालते हैं। इसी क्रिया को केशलोच कहते हैं। संघ के मुनि श्री विश्वनायक सागर जी महाराज का केशलोच रविवार को प्रातः काल की बेला में हुआ। जिस दिन साधु केशलोच करते हैं। उस दिन उपवास रखना होता है।</p>
<p><strong>आचार्य भरत सागरजी का अवतरण दिवस मनाया</strong></p>
<p>प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद शास्त्री के सानिध्य में पंचकल्याणक के पूर्व की क्रियाओं के अंतर्गत महोत्सव के मुख्य इंद्र के द्वारा समस्त क्रियाएं विधि विधान से संपन्न हुई। रविवार को आचार्य विमल सागर जी का अवतरण दिवस भी था। संघ के सानिध्य में दोपहर को उनकी गुणानुवाद सभा एवं पूजन संपन्न हुए।</p>
<p><strong>आचार्य श्री को आहार कराने का सौभाग्य </strong></p>
<p>आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की रविवार की आहार चर्या भगवानपुरा विधायक केदार डाबर के ग्राम सांगवी में हुई। आहार चर्या विधायक के घर के प्रांगण में हुई। इस मौके पर विधायक भी आचार्य श्री का आशीर्वाद लेने के लिए सांगवी पहुंचे थे। आचार्य श्री की आहार चर्या कराने का सौभाग्य खरगोन के चौके वालों को मिला। ऊन पंच कल्याणक के बाद खरगोन में आचार्य श्री के सानिध्य में ही वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव 14 से 16 अप्रैल तक होने वाली है।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>खरगोन के नरेंद्र जैन, सोहिल जैन, सुनीता जैन, रीना जैन, अर्चना जैन, ललिता गोधा, उषा जैन, इंद्रा छाबड़ा, महिला मंडल आदि उपस्थित थे। आचार्य श्री ससंघ का रात्रि विश्राम पनवाडा में होगा। सुबह ऊन में मंगल प्रवेश होगा। पावागिरी सिद्ध क्षेत्र को तोरणद्वारों से सजावट की जा रही जन-जन में बहुत ही उत्साह है। हजारों भक्त मुनि संघ की अगवानी करेंगे।</p>
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		<title>सिद्ध क्षेत्र पावागिरी ऊन में मुनिश्री विवर्धन सागरजी महाराज ससंघ 25 पीछी का मंगल प्रवेश हुआः  आचार्य विशुद्ध सागरजी का प्रवेश 7 अप्रैल को </title>
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		<pubDate>Sun, 06 Apr 2025 11:46:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संघ की मंगल अगवानी क्षेत्र में महामंत्री एवं महोत्सव के सोधर्म इंद्र ने पाद प्रक्षालन कर की। संघ ने सभी मंदिरों के दर्शन किए। मुनिश्री विवर्धन सागरजी ने कहा कि क्षेत्र की छटा अलौकिक है, शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान की प्राचीन प्रतिमाएं मनोहारी है। 7 से 12 अप्रैल तक होने वाले आयोजन के लिए तैयारियों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संघ की मंगल अगवानी क्षेत्र में महामंत्री एवं महोत्सव के सोधर्म इंद्र ने पाद प्रक्षालन कर की। संघ ने सभी मंदिरों के दर्शन किए। मुनिश्री विवर्धन सागरजी ने कहा कि क्षेत्र की छटा अलौकिक है, शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान की प्राचीन प्रतिमाएं मनोहारी है। 7 से 12 अप्रैल तक होने वाले आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए ऊन से दीपक प्रधान की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऊन (खरगोन)</strong> उन सिद्ध क्षेत्र के प्रचार मंत्री आशीष जैन, अतुल कासलीवाल ने बताया कि संघ की मंगल अगवानी क्षेत्र में महामंत्री एवं महोत्सव के सोधर्म इंद्र अशोक चंदादेवी झंझरी ने पाद प्रक्षालन कर की। अगवानी में विनोद जैन, अरुण धनोते, कमलेश मंडलोई, अविनाश जैन, सुरेंद्र जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे। संघ ने सभी मंदिरों के दर्शन किए। मुनिश्री विवर्धन सागरजी ने कहा कि क्षेत्र की छटा अलौकिक है, शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान की प्राचीन प्रतिमाएं मनोहारी है। युवा मंडल एवं महिला मंडल बड़वानी, मुन्नालालजी, ऋषभ दोषी, ब्रह्मचारी उषाजीजी द्वारा संघ की आहारचर्या करवाई गई। 7 से 12 अप्रैल तक होने वाले आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुनिसंघ के बड़वानी से पावागिरी ऊन तक पद विहार में बड़वानी युवा संघ के पदम काला, देवेंद्र गोधा, सिद्धार्थ पहाड़िया, सौरभ काला, ऋषभ दोषी एवं बड़वानी महिला मंडल का योगदान सराहनीय रहा।</p>
<p><strong>आचार्य विशुद्ध सागरजी का प्रवेश 7 अप्रैल को</strong><br />
चर्या शिरोमणि, अध्यात्म योगी, शताब्दी देशनाकार, श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज इस युग के आध्यात्मिक संत है। जिनके अनेक युवा शिष्य सी ए, एम बी ए, आई आई टी, इंजीनियर, डॉक्टर आदि डिग्रीधारी हैं जो आचार्य विशुद्ध सागरजी से प्रभावित होकर करोड़ों रुपए का पैकेज छोड़कर मुनि बन गए। वे भीषण गर्मी में एक बार ही आहार पानी लेकर घोर तपस्या करते हैं एवं निरंतर पद विहार करते हैं। उल्लेखनीय है कि आचार्यश्री विराग सागरजी महाराज ने अपनी मृत्यु पूर्व ही वीडियो संदेश प्रदान कर अपना पट्टाचार्य पद विशुद्ध सागरजी को दिया है। आचार्य विशुद्ध सागरजी, जालना से चोपड़ा होकर पहाड़ी रास्तों में विहार करते हुए 7 तारीख को सुबह पावागिरी ऊन में मंगल प्रवेश करेंगे। 6 अप्रैल की आहारचर्या क्षेत्रीय विधायक केदार डाबर के गृह ग्राम सांगवी में संपन्न होगी।</p>
<p><strong>गणाचार्य विराग़ सागरजी 2013 में ऊन आए थे</strong><br />
समाधिस्थ गणाचार्य विराग़ सागरजी महाराज अपनी 80 पिछी के विशाल संघ के साथ जून 2013 में पावागिरी ऊन की यात्रा पर आए थे। इंदौर चातुर्मास के पश्चात बावनगजा से ऊन आए थे। यहां पर पहली विशाल संघ का 6 दिन प्रवास रहा था। फिर यहां से संघ का सिद्धवरकूट की ओर विहार हुआ था।</p>
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		<title>दोशी, गांधी और शाह परिवार को संघपति बनके विशुद्ध सागरजी की सेवा का अवसर मिलाः 7 से 12 अप्रैल तक ऊन पावापुरी में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव  </title>
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		<pubDate>Sat, 15 Feb 2025 09:39:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी ससंघ के विहार के लिए संघपति बनने का सौभाग्य सोलापुर के दोशी, गांधी, व शाह परिवार को संघपति बनने का परम सौभाग्य मिला। पढ़िए सोलापूर, महाराष्ट्र से अभिषेक अशोक पाटील की यह पूरी खबर&#8230;  सोलापूर। (महाराष्ट्र) चर्या शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विशुद्ध सागर महाराजजी ससंघ के विहार के लिए संघपती बनने का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी ससंघ के विहार के लिए संघपति बनने का सौभाग्य सोलापुर के दोशी, गांधी, व शाह परिवार को संघपति बनने का परम सौभाग्य मिला। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सोलापूर, महाराष्ट्र से अभिषेक अशोक पाटील की यह पूरी खबर&#8230; </span></strong></p>
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<p><strong>सोलापूर</strong>। (महाराष्ट्र) चर्या शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विशुद्ध सागर महाराजजी ससंघ के विहार के लिए संघपती बनने का सौभाग्य सोलापुर निवासी सौ. प्रेरणा व राजकुमार अमृतलाल दोशी, सौ. निशा व नूतन कुमार कस्तूरचंद गांधी, सौ. योगिता व संतोष जय कुमार शाह परिवार को संघपति बनने का परम सौभाग्य मिला।</p>
<p><strong>पद विहार पावन यात्रा का संघपति बनने का सौभाग्य प्राप्त </strong></p>
<p>अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील ने बताया कि सोलापुर के दोशी, गांधी और शाह परिवार को सौभाग्यशाली परिवार को प.पू. सौम्य सागरजी का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। 5 मार्च से 26 अप्रैल 2025 तक सोलापूर निवासी दोशी, गांधी और शाह परिवार को मुंबई-जालना-इंदौर तक की पद विहार पावन यात्रा का संघपति बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भक्ति का महाकुंभ आया है, गुरुदेव की सेवा में डूबने का अवसर आया हैं। यह दायित्व उनकी गुरु भक्ति, धार्मिक समर्पण और सेवा भावना का प्रतीक है।</p>
<p><strong>पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन </strong></p>
<p>आचार्यश्री के प्रति श्रद्धा, समर्पण और गुरू भक्ति निःस्वार्थ और गहरी आस्था से परिपूर्ण है। आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में 21 मार्च से 25 मार्च 2025 तक प.पू. गणाचार्य श्री 108 विराग सागरजी महामुनिराज समाधि स्थल में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन किया हैं।</p>
<p><strong>आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी के सानिध्य में </strong></p>
<p>7 एप्रिल से 12 एप्रिल 2025 तक ऊन पावापुरी में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र श्री ऊन पावापुरी जि. खरगोन मध्यप्रदेश में आचार्य भगवन श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित किया हैं। खरगोन में 14 से 16 अप्रैल तक भव्य वेडी शिखर प्रतिष्ठा दिगंबर जैन पोरवाड मंदिर में आचार्य भगवन श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित किया गया हैं।</p>
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